केंद्र सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कांस्टेबल व राइफलमैन पदों पर 50 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है। गृह मंत्रालय ने संसद में लिखित जवाब देकर बताया कि अग्निवीरों को लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से भी छूट दी जाएगी।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। भारतीय सेना में चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। गृह मंत्रालय ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स में कांस्टेबल और राइफलमैन के पदों पर भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले से चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर आने वाले अग्निवीरों के लिए सुरक्षा बलों में रोजगार के अवसर और अधिक बढ़ जाएंगे।
लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से भी मिलेगी छूट
गृह मंत्रालय ने संसद में दिए जवाब में बताया कि CAPFs और असम राइफल्स में भर्ती होने वाले अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण छूट दी जाएगी।
इसके तहत अग्निवीरों को-
लिखित परीक्षा से छूट
फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (PST) से छूट
फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) से छूट
दी जाएगी।
इसका मतलब है कि सेना में चार साल की सेवा के दौरान हासिल किए गए प्रशिक्षण और अनुभव को देखते हुए अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में विशेष प्राथमिकता और राहत मिलेगी।
सेना के अनुभव का मिलेगा सीधा फायदा
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों को चार साल तक भारतीय सेना में सेवा करने का अवसर मिलता है। इस दौरान उन्हें सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और शारीरिक दक्षता के साथ-साथ विभिन्न सैन्य गतिविधियों का अनुभव हासिल होता है।
अब सरकार के इस फैसले से सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्स में कांस्टेबल और राइफलमैन के पदों पर भर्ती के दौरान 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा।
अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उठते रहे हैं सवाल
अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से ही चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर सवाल उठते रहे हैं। सरकार ने अब CAPFs और असम राइफल्स में आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया में छूट देकर उनके लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
इस फैसले से सेना में सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सुरक्षा बलों में करियर बनाने का मौका मिलेगा और उनके सैन्य अनुभव का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
गृह मंत्रालय के इस फैसले को अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


