दिल्ली में यमुना नदी की सफाई और गाय के गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD) और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के बीच कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) परियोजनाओं की स्थापना के लिए एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दिल्ली में गोबर और अन्य जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर उससे कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) का उत्पादन करना है। इससे एक ओर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
CM रेखा गुप्ता बोलीं- यमुना में गोबर गिराने की समस्या होगी खत्म
इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में प्रतिदिन लगभग 1,500 मीट्रिक टन गाय का गोबर यमुना नदी में गिरता था। दिल्ली सरकार ने इस आंकड़े को शून्य तक लाने का लक्ष्य तय किया है और MCD तथा NDDB के बीच हुआ यह समझौता उसी दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) परियोजनाओं के शुरू होने से यमुना सफाई अभियान को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही, राजधानी की गौशालाओं और पशुपालकों को गोबर के बेहतर उपयोग के जरिए अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब गाय के गोबर का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा (CBG) और जैविक खाद के उत्पादन में किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
अलग-अलग स्थानों पर स्थापित होंगे CBG प्लांट
समझौता कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार यमुना नदी को स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और सुंदर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से दिल्ली में उत्पन्न होने वाला बड़ी मात्रा में गाय का गोबर सीधे यमुना में पहुंच जाता था, जिससे नदी के प्रदूषण में बढ़ोतरी होती थी। अमित शाह ने बताया कि अब इस गोबर का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाएगा। इसके जरिए कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) और जैविक खाद का उत्पादन होगा, जिससे एक ओर यमुना में प्रदूषण कम होगा तो दूसरी ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर CBG प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों के माध्यम से गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का प्रसंस्करण कर स्वच्छ ईंधन और जैविक खाद तैयार की जाएगी।
दूसरे शहरों के लिए भी बनेगा मॉडल, पशुपालकों की बढ़ेगी आय
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में शुरू की जा रही यह पहल केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल साबित होगी। उन्होंने कहा कि गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन और कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) उत्पादन की यह व्यवस्था प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के साथ-साथ शहरों में जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन का रास्ता भी खुलेगा। इसके अलावा गौशालाओं और पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इस अवसर पर केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, MCD के महापौर प्रवेश वाही तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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