BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की करीब सात साल भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में द्विपक्षीय मुलाकात होने वाली है. भारत और चीन के रिश्तों में सुधार होता नजर आ रहा है. शी जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है. चीनी राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि मतभेदों को सही ढंग से सुलझाया जाएगा.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे.
चीन ने भारत के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के मार्गदर्शन में भारत के साथ मिलकर काम करेगा और अपने मतभेदों को सुलझाएगा. चीनी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के जरिए भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने दोनों देशों के रिश्तों पर अहम टिप्पणी की.
भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा कि ‘चीन और भारत, राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. कजान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे. द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने, बातचीत और सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने, के लिए भारत के साथ काम करना चाहता है.
2024 में कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान और 2025 में तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी के बीच सार्थक बातचीत हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी और शी के बीच द्विपक्षीय बैठक आज शाम 5:45 बजे तय है.
चीन के राजदूत ने कहा कि चीन आपसी सहयोग और मतभेदों को सुलझाने समेत कई मोर्चों पर भारत के साथ काम करेगा. उन्होंने लिखा था कि चीन ब्रिक्स सहयोग को महत्व देता है और इस साल सफल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने में भारत का समर्थन करता है.
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