लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता जून 2026 से मार्च 2036 तक प्रभावी रहेगी। समझौते के तहत प्रधानमंत्री निधि के माध्यम से प्रदेश में एआई-सक्षम पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें, 1.5 टेस्ला एमआरआई और डिजिटल मैमोग्राफी टोमोसिंथेसिस (डीबीटी) मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने बताया कि एआई आधारित आधुनिक इमेजिंग तकनीक से कैंसर, टीबी, हृदय रोग और अन्य गैर-संचारी बीमारियों की शुरुआती चरण में सटीक पहचान संभव होगी। समय पर निदान होने से मरीजों को बेहतर और प्रभावी उपचार मिल सकेगा तथा गंभीर बीमारियों से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार की तय होंगी जिम्मेदारियां
एमओयू के तहत भारत सरकार मशीनों की खरीद, आपूर्ति, स्थापना, कमीशनिंग और शुरुआती अनुरक्षण की जिम्मेदारी निभाएगी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित करेगी, साइट तैयार कराएगी, नियामकीय अनुमतियां सुनिश्चित करेगी और प्रशिक्षित मानव संसाधनों के माध्यम से मशीनों के संचालन एवं रखरखाव की व्यवस्था करेगी।
READ MORE: राम मंदिर चंदा चोरी: 1600 आंखों वाला RMO अर्जुन देव, लूट के समय हो जाता था अंधा, मामला खुला तो…
रीयल टाइम आईटी पोर्टल से होगी निगरानी
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सभी मशीनों की निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक रीयल टाइम आईटी पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मशीनों की कार्यशीलता, उपयोग, लाभार्थियों की संख्या और सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
READ MORE: यूपी सहित पूरे देश मे वीबी-जी राम जी एक्ट लागू, 125 दिन के रोजगार के साथ मिलेगी न्यूनतम 300 रुपये मजदूरी
नौ वर्षों तक मिलेगा अनुरक्षण का लाभ
प्रधानमंत्री निधि के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली मशीनों पर एक वर्ष की वारंटी के बाद अगले नौ वर्षों तक व्यापक वार्षिक अनुरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। इससे उपकरणों के सुचारु संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी और मरीजों को लगातार बेहतर जांच सुविधाएं मिलती रहेंगी।

