लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश मे बुधवार को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के तहत नया बदलाव लागू कर दिया गया है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और न्यूनतम 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का लाभ मिलेगा। योगी सरकार ने प्रदेश में इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ग्रामीण मजदूरों को पहले की तुलना में अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध होगा। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। राष्ट्रीय स्तर पर औसत मजदूरी भी बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन पहुंच गई है, जबकि उत्तर प्रदेश में बढ़ी हुई मजदूरी के भुगतान के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा चुके हैं।
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गांव स्तर पर तैयार होंगे सैटेलाइट डेटा
योजना की सबसे बड़ी विशेषता विकास कार्यों की वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर योजना बनाना है। अब गांवों में सैटेलाइट डेटा, भूमि अभिलेखों और स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन्हीं योजनाओं के अनुरूप कार्यों का चयन और संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
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बेहतर समन्वय से होगा संसाधनों का इस्तेमाल
विकास कार्यों की निगरानी के लिए जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल प्लानिंग टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ने और कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आने की उम्मीद है। साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संसाधनों के दोहराव को रोकने का भी प्रयास किया जाएगा।
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इनको मिलेगी प्राथमिकता
योजना के अंतर्गत सड़क निर्माण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, जल संरक्षण परियोजनाएं और स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और गांवों के समग्र विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।

