एम्स रायबरेली ने 'सेवादान आरोग्य संस्था' के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम गृह निर्माण की पहल की है। इससे अब दूर-दराज से आने वाले तीमारदारों को अस्पताल परिसर में ही सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आवास मिल सकेगा।

रविंद्र कुमार, रायबरेली। स्वास्थ्य और सेवा के संगम का एक नया अध्याय लिखते हुए एम्स रायबरेली ने मरीजों के परिजनों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। संस्थान और ‘सेवादान आरोग्य संस्था’ के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) ने उस पीड़ा को खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जिसे अक्सर तीमारदार खुले आसमान के नीचे रातें बिताकर सहते थे।

अक्सर देखा जाता है कि बड़े अस्पतालों में मरीज का इलाज तो शुरू हो जाता है, लेकिन उसके साथ आए परिजनों के लिए ठहरना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। एम्स रायबरेली की इस पहल से अब तीमारदारों को अस्पताल की दहलीज पर ही घर जैसी सुरक्षा और स्वच्छता मिलेगी।

विश्राम गृह से मिलेगी बड़ी राहत

यह विश्राम गृह न केवल एक इमारत होगी, बल्कि उन हजारों लोगों के लिए ‘वरदान’ साबित होगी जो अपनों के इलाज के दौरान आर्थिक और मानसिक दबाव झेलते हैं।

कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने कहा, “मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की देखभाल करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यह विश्राम गृह इसी जिम्मेदारी को निभाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।”