दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने संवेदनशील रक्षा संबंधी जानकारी साझा करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के एक विंग कमांडर (Air Force Wing Commander) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी करीब 2 महीने पहले की गई थी और मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी विंग कमांडर के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा की थीं। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है।
विंग कमांडर से पूछताछ में सामने आए कई तथ्य
संवेदनशील रक्षा जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार वायुसेना के विंग कमांडर मामले में जांच एजेंसियां हनी ट्रैप के एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी अधिकारी अपनी निजी जिंदगी के कठिन दौर से गुजर रहा था। इसी दौरान उसकी सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला से पहचान हुई, जो धीरे-धीरे नियमित बातचीत में बदल गई। जांच एजेंसियों को संदेह है कि महिला ने विश्वास हासिल करने के बाद अधिकारी से रक्षा प्रतिष्ठानों और संवेदनशील सूचनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच का विषय है कि महिला का रक्षा प्रतिष्ठानों तक किस हद तक पहुंच थी और क्या वह किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क के साथ मिलकर काम कर रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने संबंधित जानकारी दिल्ली पुलिस के साथ साझा की थी। इसके बाद 31 मई की रात को विंग कमांडर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई और बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल आरोपी विंग कमांडर तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क तथा संभावित अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार विंग कमांडर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ साझा करने का आरोप है। आरोप है कि उसने रक्षा प्रतिष्ठानों और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं तथा दस्तावेजों को अनधिकृत माध्यमों से आगे पहुंचाया, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अधिनियम देश की सुरक्षा और रक्षा से संबंधित गोपनीय सूचनाओं के अनधिकृत प्रकटीकरण को गंभीर अपराध मानता है। भारतीय वायुसेना ने मामले की जानकारी संबंधित जांच एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के साथ साझा की थी। प्रारंभिक जांच और गिरफ्तारी के बाद विंग कमांडर को कड़ी निगरानी में रखा गया। बाद में आगे की जांच के लिए उसे संबंधित एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।
मोबाइल ऐप के जरिए दस्तावेज साझा करने का आरोप
मामले की जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार विंग कमांडर पर आरोप है कि उसने एक महिला के माध्यम से कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स को कई संवेदनशील दस्तावेज भेजे थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि साझा किए गए दस्तावेजों की प्रकृति क्या थी और उनमें किस स्तर की गोपनीय जानकारी शामिल थी।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित महिला ने कथित तौर पर अधिकारी के मोबाइल फोन में एक विशेष ऐप इंस्टॉल करवाया था। एजेंसियों को संदेह है कि इसी ऐप के माध्यम से वीडियो, फोटो और अन्य दस्तावेज साझा किए गए हो सकते हैं। जांच अधिकारी मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित तौर पर कौन-कौन सी जानकारियां भेजी गईं, उनका प्राप्तकर्ता कौन था और इस पूरी गतिविधि का दायरा कितना बड़ा था। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
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