अभय मिश्रा, मऊगंज। NEET पेपर लीक और परीक्षा धांधली के काले साए ने मध्य प्रदेश की एक और होनहार बेटी के भविष्य और जिंदगी दोनों को लील लिया है। नागपुर में रहकर नीट (NEET) की तैयारी कर रही मऊगंज जिले की रहने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी पेपर लीक की खबरों ने आकांक्षा को इस कदर तोड़ा कि उसने मौत को गले लगा लिया। आकांक्षा का सुसाइड नोट देश के पूरे परीक्षा तंत्र और भ्रष्टाचार के मुंह पर एक करारा तमाचा है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का कर्ज लेकर पिता सजा रहे थे बेटी का सपना
मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव की रहने वाली आकांक्षा का परिवार बेहद गरीब है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार पिछले कुछ समय से नागपुर में रह रहा था। पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं, लेकिन बेटी को डॉक्टर बनाने का खर्च उठाने के लिए वे नागपुर में खाना बनाने (कुक) का काम करते थे। परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से 3,00,000 रुपये का लोन लिया था और रिश्तेदारों से भी कर्ज मांगकर ‘फिजिक्स वाला’ से बेटी की कोचिंग करा रहे थे। लेकिन सिस्टम की नाकामी ने पिता की इस कठिन तपस्या पर पानी फेर दिया।
सुसाइड नोट में छलका दर्द: ‘मैंने सब बर्बाद कर दिया…’
परिजनों के मुताबिक नीट की परीक्षा देने के बाद आकांक्षा बेहद खुश थी और उसे पूरा भरोसा था कि उसका चयन हो जाएगा। लेकिन देश भर में नीट पेपर लीक की खबरें आम होने के बाद वह गहरे डिप्रेशन में चली गई। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और बीते 20 मई को अपने कमरे में पंखे से लटककर जान दे दी। आकांक्षा के पीछे छूटे सुसाइड नोट का एक-एक शब्द व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करता है:
“मम्मी-पापा आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है मेरे अंदर। पहले नीट के पेपर में अच्छे मार्क्स आ रहे थे मेरे, लेकिन अब दोबारा पेपर अच्छा आए इसकी कोई गारंटी नहीं है। सॉरी मम्मी पापा, मैंने सब बर्बाद कर दिया आप दोनों का…”

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने फोन पर बंधाया ढांढस, न्याय का दिया भरोसा
इस दर्दनाक त्रासदी के बाद मध्य प्रदेश की सियासत में भी भारी आक्रोश है। युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर मुलाकात की और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार से फोन पर परिजनों की बात कराई। उमंग सिंगार ने दुखी मां और परिजनों को ढांढस बंधाया और इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ने तथा पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय दिलाने का बड़ा भरोसा दिया।
NSUI राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पहुंचे पीड़ित परिवार के घर, दी 2.5 लाख रूपए की मदद
घटना की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े और एमपी NSUI अध्यक्ष आशुतोष चौकसे सहित कई वरिष्ठ नेता मऊगंज स्थित आकांक्षा के घर पहुंचे।
नेताओं ने आकांक्षा की मां से बातचीत की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सिस्टम की बेरहमी की कहानी बयां कर रहा है। NSUI की तरफ से पीड़ित परिवार को तुरंत 2,50,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही नेताओं ने वादा किया कि परिवार के सिर पर खड़े केसीसी (KCC) के पूरे 3 लाख रुपये के कर्ज को भी कांग्रेस और छात्र संगठन मिलकर चुकाएगा।
बड़ा सवाल: कब रुकेगा होनहार छात्रों की मौतों का सिलसिला?
इस घटना ने साफ कर दिया है कि पेपर लीक सिर्फ परीक्षाओं की साख पर बट्टा नहीं लगा रहा, बल्कि यह देश के होनहार युवाओं की ‘संस्थागत हत्या’ का कारण बन रहा है। सबसे बड़ा और तीखा सवाल यही है कि आखिर चंद भ्रष्टाचारियों के फायदे के लिए देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय और गरीब छात्रों के भविष्य और जान से यह खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा?

