लखनऊ. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर उज्जैन में सरकारी विकास परियोजनाओं वाले क्षेत्रों में 168 एकड़ जमीन खरीदने के आरोप हैं. इस पर अखिलेश यादव ने सीएम मोहन यादव का समर्थन किया है. उन्होंने इसे बीजेपी की साजिश बताया है. साथ ही कहा है कि ये तीन मुख्यमंत्रियों को हटाने की प्लानिंग है. अब अखिलेश के इस कदम को लेकर उत्तर प्रदेश AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहन ने निशाना साधा है. शादाब ने कहा कि अखिलेश यादव अपने जातीय भाई के लिए तुंरत मैदान में आ गए, जबकि उन्होंने मुसलमानों के उत्पीड़न पर आवाज नहीं उठाई.
शादाब ने कहा कि ‘अखिलेश यादव की जिम्मेदारी थी कि वे बीजेपी के मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार पर घेरें, मुख्यमंत्री से सवाल करने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं है. ये वक्फ कानून पर नहीं बोलते, वंदेमातरम् पर बहस होती है तो नहीं बोलते, कुरैशी भाइयों के कारोबार का मसला हो, बुनकरों का कोई मामला हो नहीं बोलते. लेकिन जब यादव की बात आते है तो समर्थन में उतर आते हैं. चाहे कथावाचक वाला मामला हो या मोहन यादव का समर्थन ये पीछे नहीं रहते.’
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शादाब ने अखिलेश पर सॉफ्ट हिन्दुत्त्व का रास्ता अपनाने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश को राम मंदिर की चिंता है, कभी केदाश्वर की चिंता, कभी उनके सभागार में जय परशुराम के नारे लगाए जाते हैं. लेकिन उन्हें मुसलमानों से ताल्लुक रखने में बात करने में डर लगता है. उन्होंने आगे कहा कि अगर हमारी बात गलत है तो हमें गलत सिद्ध करें, मुस्लिम चेहरा घोषित करें, एक दलित चेहरा भी घोषित करें, लेकिन नहीं करेंगे और सिर्फ और मुसलमानों का वोट बैंक पर कब्जा रखने का षड्यंत्र है इससे ज्यादा कुछ भी नहीं.

