अमृतसर। खडूर साहिब से नवनिर्वाचित सांसद और वारिस पंजाब दे के प्रमुख अमृतपाल सिंह की आज अमृतसर की अदालत में पेशी होगी। यह सुनवाई अजनाला थाने पर हुए हमले से संबंधित मामले में हो रही है। वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश होंगे।

इस मामले की पिछली सुनवाई के दौरान अमृतपाल सिंह के वकील रितु राज सिंह संधू ने एक महत्वपूर्ण आवेदन दायर किया था। इस याचिका में मांग की गई है कि अमृतपाल सिंह को इस केस से डिस्चार्ज (बरी) किया जाए। वकील के अनुसार, अमृतपाल पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं। याचिका में दावा किया गया है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उन्हें केवल राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है। अदालत ने इस अर्जी पर राज्य सरकार (स्टेट) को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया था।

सरकार का रुख और पुलिस की दलील

माना जा रहा है कि आज पंजाब सरकार की ओर से इस डिस्चार्ज याचिका पर जवाब पेश किया जाएगा। सरकारी पक्ष इस याचिका का कड़ा विरोध कर सकता है। पिछली सुनवाइयों में पुलिस और जांच एजेंसियों ने दलील दी थी कि अजनाला कांड के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई थी और इस मामले में कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। अमृतपाल सिंह के वकील रितु राज सिंह संधू ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत अमृतपाल की उपस्थिति लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है और वे उसी सेल में हैं जहां पहले थे। वकील ने यह भी दावा किया कि अब तक की जांच में कोई नई गंभीर बात सामने नहीं आई है और वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रख रहे हैं।

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को अमृतपाल सिंह पर लगा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून समाप्त हो गया था। इसके तुरंत बाद, 23 अप्रैल को पुलिस ने अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई शुरू की। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आज की सुनवाई के बाद कोर्ट इस मामले में अगली दिशा तय करेगा।