अमृतसर। अमृतसर से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहां 12वीं कक्षा की एक 17 वर्षीय छात्रा ने स्कूल प्रबंधन द्वारा कथित तौर पर फीस के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित (मेंटल टॉर्चर) किए जाने से परेशान होकर जहरीली वस्तु निगल ली। करीब एक हफ्ते तक जिंदगी और मौत की जंग लड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।

दम तोड़ने से पहले छात्रा ने अस्पताल के बेड पर ही एक वीडियो बनाया, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार स्कूल के व्यवहार को ठहराया है। मृतका की पहचान अमजोत कौर (17 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अमृतसर के 88 फीट रोड इलाके की रहने वाली थी। वह अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी।

वीडियो में बयां किया अपना दर्द

आत्मघाती कदम उठाने से पहले बनाए गए वीडियो में अमजोत कौर ने बताया कि स्कूल की फीस बकाया होने के कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने आरोप लगाया कि फीस के मुद्दे को लेकर स्कूल की प्रिंसिपल उसे एक अलग कमरे में भी लेकर गई थीं। इस पूरे बर्ताव के कारण वह इतने भारी मानसिक तनाव में आ गई कि उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का घातक फैसला कर लिया।

मासी ने लगाए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप

मृतका की मासी सरबजीत कौर ने फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित डीडीआईएस स्कूल की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास इनचार्ज आकांक्षा शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल की करीब 20 हजार रुपये फीस बकाया थी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से मिन्नतें भी की थीं कि वे इस राशि को किश्तों में जमा कर देंगे, लेकिन इसके बावजूद बच्ची पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मासी के अनुसार, 22 मई को स्कूल से घर लौटने के बाद अमजोत ने जहर खा लिया था। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने खुद अपनी मासी को स्कूल के शिक्षकों के बुरे बर्ताव के बारे में बताया था। लगभग एक हफ्ते तक वेंटिलेटर और इलाज पर रहने के बाद 30 मई की शाम अमजोत की मौत हो गई। 31 मई को शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित परिवार ने दोषी स्कूल स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने छात्रा के आखिरी वीडियो बयान और परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।