अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में स्वाइन फ्लू के 2 मामले सामने आए हैं. इस जानकारी के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं. स्वाइन फ्लू मरीज में एक 65 वर्षीय महिला और एक 14 वर्षीय बच्चा शामिल थे. दोनों मरीज इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं. जिला स्तर पर भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. 2 विशेष आइसोलेशन वार्डों में करीब 40 बैड तैयार रखे गए हैं. जरूरत पड़ने पर संदिग्ध या पुष्टि वाले मरीजों को इन वार्डों में अलग-अलग रख कर इलाज किया जा सकेगा.

हालांकि दो केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और गुरु नानक देव अस्पताल प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है. पंजाब स्वास्थ्य विभाग द्वारा 24 अगस्त को जारी एडवाइजरी के बाद जिले में इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस और सीवियर एक्यूट रैस्पिरेटरी इंफैक्शन की निगरानी और सख्त कर दी गई है. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की ओ.पी.डी. में फ्लू कॉर्नर बनाने, संदिग्ध मरीजों की पहचान और आवश्यकतानुसार टैस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए 23 बैड आरक्षित

गुरु नानक देव अस्पताल में आरक्षित रखे 23 बैड
गुरु नानक देव अस्पताल के इंचार्ज डा. कर्मजीत सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अस्पताल में 23 बैड आरक्षित रखे गए हैं. इसके अलावा एमरजैंसी में डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है, जो 24 घंटे मुस्तैदी से ड्यूटी निभा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों पॉजिटिव मरीजों का समय पर इलाज किया गया और अब दोनों ठीक होकर घर जा चुके हैं. उन्होंनेे कहा कि अस्पताल की ओ.पी.डी. में सख्त हिदायतें दी गई हैं कि खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत लेकर आने वाले संदिग्ध मरीजों की आवश्यकतानुसार स्वाइन फ्लू संबंधी जांच करवाई जाए. अस्पताल प्रशासन हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। डा. नरेश चावला ने कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन्स का पालन करना चाहिए। खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीज को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

जरूरत पड़ने पर फ्लू कॉर्नर में टेस्टिंग

अमृतसर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 205 सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों की ओ.पी.डी. में फ्लू कॉर्नर बनाने के आदेश दिए गए हैं. इन फ्लू कॉर्नरों में फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की अलग से पहचान की जाएगी और जरूरत पड़ने पर टैस्टिंग करवाई जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को आई.एल.आई. और एस.ए.आर.आई. मामलों में असामान्य वृद्धि, अस्पतालों में दाखिलों, मरीजों के क्लस्टर और मौतों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। 2 विशेष आइसोलेशन वार्ड, करीब 40 बैड तैयार
सीनियर स्टाफ की ड्यूटी लगाने के प्रबंध भी किए गए हैं।