अररिया। जिले के महिषाकोल गांव के पास भेभड़ा धार (नदी) के पानी और कीचड़ से एक युवक और एक नाबालिग युवती का शव बरामद किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग और पंचायत के दबाव से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है।
आइए जानते हैं कि इस पूरी घटना की शुरुआत से लेकर अंत तक की पूरी कहानी क्या है।
घर से क्यों और कैसे भागे थे 5 लोग?
अररिया की बांसबाड़ी पंचायत से सोमवार को तीन लड़के और दो लड़कियां अचानक अपने घरों से फरार हो गए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार वे सभी शादी करने की नीयत से नेपाल जाने के लिए निकले थे। हालांकि घर से निकलने के कुछ ही घंटे बाद उनमें से एक युवक वापस अपने गांव लौट आया। वापस लौटे युवक की ग्रामीणों ने पहले जमकर पिटाई की और फिर उससे कड़ाई से पूछताछ की।
गांव में बुलाई गई पंचायत और बढ़ता दबाव
पूछताछ के दौरान उस युवक ने स्वीकार किया कि वह बाकी चारों के बहकावे में आकर उनके साथ भागा था। इस बात की जानकारी मिलते ही गांव में पंचायत बुलाई गई जहां उस युवक को पेश किया गया और उसने बाकी चारों लड़के-लड़कियों की पहचान उजागर की।
मंगलवार की सुबह पंचायत में सरपंच ने सभी फरार लड़के-लड़कियों के परिजनों को बुलाया। सरपंच ने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह की घटनाओं से पूरे गांव की बदनामी होती है इसलिए वे अपने बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढकर वापस लाएं। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि बच्चे नहीं लौटे, तो पंचायत कोई कड़ा फैसला ले सकती है।
वापस लौटे तीन, लेकिन दो रहे लापता
पंचायत का यह फरमान पूरे गांव में आग की तरह फैल गया। इसके परिणाम स्वरूप, शाम होते-होते चार में से एक और लड़का तथा एक लड़की वापस अपने घर लौट आए। लेकिन 23 वर्षीय अली हसन और 14 साल की सितारा का कोई सुराग नहीं मिला और वे दोनों लगातार गायब रहे।

नदी में मिले शव और परिजनों का दर्द
अली और सितारा के परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे थे। घटना के तीन दिन बाद यानी गुरुवार की दोपहर कुछ ग्रामीण मारिया धार में मछली पकड़ने के जाल लगाने पहुंचे। इसी दौरान उनकी नजर पानी और कीचड़ में पड़े दो शवों पर पड़ी।
सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस, नगर थाना पुलिस एसडीआरएफ और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। एसडीआरएफ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतका सितारा के चाचा मोहम्मद कलाम ने बताया कि पंचायत के दबाव के कारण वे लोग डरे हुए थे और बच्चों की तलाश कर रहे थे लेकिन अंत में उनकी लाश मिली। वहीं मृतक अली हसन के चाचा ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा सीधा था और उन्हें संदेह है कि गांव के कुछ लोगों ने हत्या कर शव वहां फेंके हैं।
हत्या या आत्महत्या: क्या कहती है पुलिस?
गांव के लोगों का मानना है कि अली हसन पहले से शादीशुदा था (उसकी शादी तीन महीने पहले ही हुई थी) और नाबालिग सितारा के साथ उसका प्रेम-प्रसंग था। ग्रामीणों के एक वर्ग का अंदेशा है कि पंचायत के बढ़ते दबाव और डर के कारण दोनों ने आत्महत्या कर ली होगी जबकि परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक ने स्पष्ट किया है कि पहली नजर में मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है लेकिन पुलिस हत्या, आत्महत्या और दुर्घटना- तीनों ही पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों का खुलासा केवल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बच्चों के लापता होने की सूचना समय पर पुलिस को क्यों नहीं दी गई थी और पंचायत की क्या भूमिका रही है।


