० इलाज शुल्क तय करेगी सरकार, मरीजों को मिलेगी पारदर्शी और सस्ती स्वास्थ्य सेवा

रांची। झारखंड सरकार निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मनमाने शुल्क वसूले जाने पर रोक लगाने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जल्द ही आईसीयू सहित विभिन्न उपचारों की दरें तय करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करेगी। इसके बाद निजी अस्पताल निर्धारित मानकों के अनुसार ही इलाज का शुल्क ले सकेंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से उपचार शुल्क में पारदर्शिता आएगी और निजी अस्पतालों की मनमानी फीस पर प्रभावी अंकुश लगेगा। इससे विशेष रूप से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें गंभीर बीमारी या आपातकालीन इलाज के दौरान भारी खर्च का सामना करना पड़ता है।

उपचार शुल्क को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की पहल

डॉ. अंसारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी मरीजों को पारदर्शी, सुलभ और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इलाज के दौरान आर्थिक शोषण की किसी भी आशंका को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में उपचार शुल्क को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की पहल की जा रही है।

मरीजों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए लगातार काम कर रही है और मरीजों के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही संकेत दिए कि मरीजों के हित में जल्द ही एक और महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक फैसला भी लिया जाएगा, जिसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी।