Commonwealth Gold Medalist Arundhati Chaudhary: कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश, राजस्थान और बूंदी का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाली अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज अरुंधति चौधरी का गुरुवार को बूंदी में भव्य नागरिक सम्मान किया गया।

इस दौरान उन्होंने अपनी उपलब्धियों के साथ वह पीड़ा भी साझा की, जो स्वदेश लौटने के बाद उन्हें महसूस हुई। अरुंधति ने कहा कि जब वह स्वर्ण पदक जीतकर भारत लौटीं तो अन्य राज्यों के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए उनके मंत्री और जनप्रतिनिधि एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन राजस्थान की ओर से उनका स्वागत करने कोई नहीं आया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें काफी दुख हुआ।

खिलाड़ियों का सम्मान मनोबल बढ़ाता है

अरुंधति ने कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य के प्रदर्शन से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों का समय पर उत्साहवर्धन किया जाए तो वे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।

उपलब्धियों के अनुरूप नहीं मिला सम्मान

उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है। अरुंधति ने बताया कि वह एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली राजस्थान की पहली पुरुष या महिला बॉक्सर हैं। इसके अलावा वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, लेकिन कई बार उनकी उपलब्धियों के अनुरूप सम्मान और प्रोत्साहन नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि खिलाड़ियों को उचित सम्मान नहीं मिलेगा तो प्रदेश में खेलों का स्तर बेहतर कैसे होगा।

अब नई पीढ़ी के बॉक्सर तैयार करना लक्ष्य

अरुंधति ने कहा कि उनकी जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान की सफलता है। अब उनका लक्ष्य सिर्फ खुद पदक जीतना नहीं, बल्कि प्रदेश में बॉक्सिंग की मजबूत नई पीढ़ी तैयार करना है। वह चाहती हैं कि आने वाले वर्षों में राजस्थान के अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करें।

बूंदी में हुआ भव्य स्वागत

बूंदी जिला प्रशासन ने नगर परिषद टाउन हॉल में आयोजित समारोह में अरुंधति चौधरी का नागरिक अभिनंदन किया। इसके बाद शहर में विजय जुलूस निकाला गया। जैसे ही अरुंधति बूंदी जिले की सीमा में पहुंचीं, सामाजिक संगठनों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने फूल-मालाओं और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। शहर के प्रमुख मार्गों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए उत्साह दिखाई दिया।

राजस्थान की बॉक्सिंग व्यवस्था पर जताई चिंता

अरुंधति ने कहा कि राजस्थान अभी भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में काफी पीछे है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के खिलाड़ियों की संख्या और पदक दोनों कम हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी कई बार वह अकेले राजस्थान का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार, खेल विभाग और समाज मिलकर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रोत्साहन दें, तो प्रदेश से कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।

बूंदी का ब्रांड एंबेसडर बनने पर जताई खुशी

जिला प्रशासन की ओर से बूंदी का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने पर अरुंधति ने खुशी जताई। उन्होंने जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ उनका स्वागत किया गया, उससे वह अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि वह जीवनभर बूंदी और राजस्थान का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करती रहेंगी।

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