कुंदन कुमार/पटना। बिहार की सियासत में मानसून सत्र के दौरान बयानों का दौर लगातार जारी है। इसी क्रम में बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के जन्मदिन, सदन से नीतीश कुमार व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति, एनडीए विधानमंडल दल की बैठक और राज्य के मॉडल स्कूलों के रंग-रोगन से जुड़े विवाद पर तीखी और स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। मंत्री के इन बयानों के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
निशांत कुमार का जन्मदिन और नीतीश कुमार की अनुपस्थिति पर क्या बोले मंत्री?
निशांत कुमार के जन्मदिन और सदन में नीतीश कुमार की मौजूदगी को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री अशोक चौधरी ने इसे एक दुखद संयोग करार दिया। उन्होंने कहा कि यह इत्तेफाक की बात है कि आज निशांत कुमार का जन्मदिन है और व्यस्तताओं या अन्य कारणों की वजह से नीतीश कुमार सदन में उपस्थित नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तिगत आयोजनों और राजनीतिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना कई बार प्रशासनिक कार्यों के चलते मुश्किल हो जाता है, लेकिन इसे किसी अन्य रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
तेजस्वी यादव के मानसून सत्र से गायब रहने पर साधा निशाना
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के मानसून सत्र के दौरान सदन से नदारद रहने पर अशोक चौधरी ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद स्थिति है कि राज्य का मानसून सत्र जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया चल रही है और जनता के द्वारा चुने गए नेता प्रतिपक्ष ही सदन से नदारद हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के पास सदन में सरकार से सवाल पूछने और जनता के मुद्दों को उठाने का सबसे बड़ा मंच होता है, लेकिन ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का सदन में मौजूद न रहना जनता के प्रति उनकी उदासीनता को साफ तौर पर दर्शाता है।
एनडीए विधानमंडल दल की बैठक और विकास के मुद्दे
हाल ही में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह बैठक पूरी तरह से राज्य के विकास और आगामी रणनीतियों पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और बिहार की जनता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि किस प्रकार से सरकार की योजनाओं को धरातल पर तेजी से उतारा जाए और जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से सदन के पटल पर रखा जाए।
मॉडल स्कूलों के रंग परिवर्तन पर दिया करारा जवाब
राज्य में मॉडल स्कूलों के रंग बदलने को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए अशोक चौधरी ने बहुत ही दो-टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों की दीवारों का रंग बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। असली मायने यह रखता है कि आज से बीस साल पहले बिहार की शिक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या थी और पिछले दो दशकों में शिक्षा की गुणवत्ता में कितना सुधार हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्कूलों के भवनों के रंग-रूप को बदलना नहीं, बल्कि वहां पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करना है।


