Asian Games 2026 में भारत के लिए मंगलवार का दिन निशानेबाजी के नाम रहा। 26 वर्षीय नीरू ढांडा ने महिलाओं की व्यक्तिगत ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नीरू इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बन गई हैं। उनका यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है, जब भारत पदक तालिका में लगातार सिल्वर और ब्रॉन्ज के सहारे आगे बढ़ रहा था। नीरू के गोल्ड ने भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या पांच कर दी।
फाइनल में नीरू ने 30 में से 28 निशाने सही लगाए। चीन की सन यूनोंग 26 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक ने 21 अंक हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। नीरू का 28 का स्कोर एशियाई रिकॉर्ड भी बना। बारिश और दबाव के बीच उन्होंने पूरे फाइनल में अपना संतुलन बनाए रखा और निर्णायक दौर में बढ़त को हाथ से निकलने नहीं दिया।
नीरू के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स में इससे पहले किसी भारतीय महिला ने ट्रैप या स्कीट की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक नहीं जीता था। पुरुष वर्ग में भारत को इस स्पर्धा का पहला व्यक्तिगत एशियन गेम्स गोल्ड 1978 में रणधीर सिंह ने दिलाया था। नीरू की जीत ने करीब 47 साल बाद ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत को फिर स्वर्ण पदक दिलाया।
पहले टीम स्पर्धा में सिल्वर, फिर व्यक्तिगत मुकाबले में गोल्ड
नीरू का मंगलवार का सफर सिर्फ व्यक्तिगत स्वर्ण तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले उन्होंने आशिमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया। भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाए। चीन 346 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि कुवैत ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
टीम स्पर्धा में नीरू भारत की सबसे सफल निशानेबाज रहीं। उन्होंने 125 में से 118 अंक बनाए। आशिमा अहलावत ने 106 और मनीषा कीर ने 104 अंक जोड़े। इसी प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने रजत पदक पक्का किया। व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी नीरू 118 के स्कोर के साथ शीर्ष पर रहीं और आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई।
आशिमा और मनीषा हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। लेकिन टीम स्पर्धा में उनके अंकों ने भारत को पोडियम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। नीरू ने इसके बाद व्यक्तिगत फाइनल में अपने प्रदर्शन को और ऊंचा उठाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।
2026 में लगातार बड़ी उपलब्धियां
नीरू ढांडा के लिए यह स्वर्ण पदक अचानक आई सफलता नहीं है। 2026 में वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। जुलाई में इटली के लोनाटो में हुए ISSF शॉटगन वर्ल्ड कप में नीरू ने महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। वह ISSF वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

नीरू हरियाणा के जींद जिले से आती हैं और भारतीय सेना की मार्क्समैनशिप यूनिट में प्रशिक्षण लेती हैं। ट्रैप शूटिंग की ओर उनका रुझान उनके चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण के कारण बढ़ा, जिन्होंने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक जीता था। नीरू ने बाद में भोपाल की मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी में भी प्रशिक्षण लिया।
एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने के बाद नीरू ने भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनके प्रदर्शन से भारतीय महिला ट्रैप शूटिंग को भी एक बड़ा मंच मिला है।
शूटिंग से भारत को मिला दूसरा गोल्ड
नीरू का स्वर्ण एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग से भारत का दूसरा गोल्ड है। इससे पहले 10 मीटर एयर पिस्टल के मिश्रित मुकाबले में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह अकेले शूटिंग ने अब तक भारत को दो स्वर्ण दिलाए हैं।
भारत के पांच स्वर्ण पदकों में शूटिंग के अलावा कबड्डी और क्रिकेट का भी योगदान है। महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से और पुरुष टीम ने ईरान को 40-34 से हराकर अपने-अपने वर्ग में गोल्ड हासिल किया।
इस तरह मंगलवार को नीरू की जीत के बाद भारत के खाते में 5 स्वर्ण, 21 रजत और 21 कांस्य समेत कुल 47 पदक हो गए। भारतीय दल अब 50 पदकों के आंकड़े से सिर्फ तीन पदक दूर है।
एशियान गेम्स 2026 पदक तालिका (Asian Games 2026 Medal Table)
| रैंक | देश | 🥇 गोल्ड | 🥈 सिल्वर | 🥉 ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चीन | 138 | 58 | 47 | 243 |
| 2 | जापान | 43 | 70 | 64 | 177 |
| 3 | दक्षिण कोरिया | 24 | 26 | 44 | 94 |
| 4 | उज्बेकिस्तान | 13 | 17 | 13 | 43 |
| 5 | थाईलैंड | 11 | 8 | 12 | 31 |
| 6 | ईरान | 9 | 15 | 11 | 35 |
| 7 | कजाकिस्तान | 9 | 13 | 25 | 47 |
| 8 | बहरीन | 9 | 3 | 3 | 15 |
| 9 | उत्तर कोरिया | 7 | 5 | 6 | 18 |
| 10 | मलेशिया | 6 | 5 | 9 | 20 |
| 11 | भारत | 5 | 21 | 21 | 47 |
खास बात यह है कि भारत के 47 पदक कजाकिस्तान के भी 47 पदकों के बराबर हैं, लेकिन कजाकिस्तान के पास भारत से ज्यादा गोल्ड हैं, इसलिए वह भारत से ऊपर 7वें स्थान पर है।
एथलेटिक्स सबसे आगे, शूटिंग दूसरे स्थान पर
कुल पदकों के लिहाज से एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल बना हुआ है। भारत ने एथलेटिक्स में अब तक 19 पदक जीते हैं, जबकि शूटिंग से 14 पदक मिले हैं। इन दोनों खेलों ने मिलकर भारत के कुल 47 पदकों में से 33 पदक दिए हैं।
इसके बाद स्क्वाश से तीन और कबड्डी से दो पदक आए हैं। क्रिकेट, वेटलिफ्टिंग, वुशू, बैडमिंटन, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग, सॉफ्ट टेनिस और टेबल टेनिस में भारत ने एक-एक पदक हासिल किया है।
गोल्ड मेडल की बात करें तो शूटिंग और कबड्डी दोनों से भारत को दो-दो स्वर्ण मिले हैं, जबकि क्रिकेट से एक गोल्ड आया है। नीरू ढांडा के स्वर्ण ने शूटिंग को इस सूची में और मजबूत कर दिया है।
2022 के प्रदर्शन से अभी काफी पीछे भारत
एशियन गेम्स के मौजूदा संस्करण में भारत का कुल पदक प्रदर्शन भले ही लगातार आगे बढ़ रहा हो, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या अभी 2022 के मुकाबले काफी कम है। पिछली बार हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने 28 स्वर्ण समेत कुल 106 पदक जीते थे।
2026 के खेलों में अभी मुकाबले बाकी हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक संख्या बढ़ाने के कई मौके हैं। फिलहाल पांच स्वर्ण के साथ भारत पदक तालिका में 11वें स्थान पर है। नीरू ढांडा का व्यक्तिगत ट्रैप गोल्ड इस अभियान में इसलिए भी अहम है क्योंकि यह भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण है और शूटिंग से आया दूसरा गोल्ड भी।
नीरू ने जिस अंदाज में दबाव के बीच फाइनल पूरा किया, उसने मंगलवार को भारतीय शूटिंग के लिए एक यादगार अध्याय जोड़ दिया। टीम स्पर्धा में रजत के बाद व्यक्तिगत मुकाबले में स्वर्ण जीतकर उन्होंने एक ही दिन में अपने नाम दो पदक कर लिए और भारतीय महिला ट्रैप शूटिंग के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया।
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