नितिन नामदेव, रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल ऑफिस ने महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज जैसे अवैध सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। ED ने इस मामले के प्रमुख आरोपियों में से एक EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर 10 दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल कर लिया है। साथ ही अब तक मामले में 4,000 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त कर चुकी है।
दिल्ली से गिरफ्तारी और ट्रांजिट रिमांड
ED के मुताबिक, विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नई दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से ED ने उसकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की।
10 दिनों की ED कस्टडी में आरोपी
ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद विकास गर्ग को 15 जुलाई 2026 को रायपुर की विशेष PMLA अदालत के समक्ष पेश किया गया। ED की दलीलों को सुनने के बाद, रायपुर की विशेष अदालत ने आरोपी विकास गर्ग को 24 जुलाई तक कुल 10 दिनों के लिए ED की हिरासत में भेज दिया है। अब पूछताछ के दौरान इस रैकेट से जुड़े कई और बड़े चेहरों और वित्तीय लेन-देन का खुलासा होने की उम्मीद है।
अब तक 4,000 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त
महादेव ऑनलाइन बुक और अन्य अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के खिलाफ ED की यह कार्रवाई देश के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बन चुकी है। जांच एजेंसी इस मामले में अब तक देश और विदेश में फैले एक विशाल नेटवर्क का भंडाफोड़ कर चुकी है। मामले में अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया जा चुका है।

जानिए पूरा मामला
ED ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के रायपुर ज़ोनल ऑफिस ने ‘महादेव ऑनलाइन बुक’, ‘स्काईएक्सचेंज’ और अन्य के गैर-कानूनी सट्टेबाजी के काम से जुड़े मामले में विकास गर्ग को ‘प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। विकास गर्ग को 14.07.2026 को नई दिल्ली में PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें नई दिल्ली की स्पेशल कोर्ट (PMLA) के सामने पेश किया गया, जिसने ट्रांजिट रिमांड दी और उसके बाद उन्हें 15.07.2026 को रायपुर की स्पेशल कोर्ट (PMLA) के सामने पेश किया गया। रायपुर की स्पेशल कोर्ट (PMLA) ने विकास गर्ग को 24.07.2026 तक, यानी 10 दिनों के लिए ED की कस्टडी में भेज दिया है।
ED ने छत्तीसगढ़ पुलिस (दुर्ग) द्वारा दर्ज FIR और छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि की पुलिस द्वारा दर्ज कई अन्य FIR के आधार पर जांच शुरू की थी। इन FIR में गैर-कानूनी ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के ऑपरेटरों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे। ED की जांच से पता चला कि सट्टेबाजी का सिंडिकेट विदेश से चलाए जा रहे फ्रैंचाइज़ी-आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क के ज़रिए काम करता था और गैर-कानूनी सट्टेबाजी के काम से हर महीने 450 करोड़ रुपये से ज़्यादा की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम) करता था।
ED की जांच से पता चला कि ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ और ‘स्काईएक्सचेंज’ के गैर-कानूनी सट्टेबाजी के काम से हुई अवैध कमाई को कई स्तरों वाले स्ट्रक्चर के ज़रिए लॉन्डर किया गया। इसमें शेल कंपनियों के जाल के ज़रिए कैश के बदले ‘अकोमोडेशन एंट्री’ की व्यवस्था करना और दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम में मौजूद विदेशी कंपनियों के ज़रिए QIP, FPI, FDI और FCCB रूट से निवेश करना शामिल था। इस पैसे को विकास गर्ग के मालिकाना हक और कंट्रोल वाली लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों में लगाया गया, ताकि अवैध पैसे को वैध दिखाया जा सके। अवैध कमाई को उनके ग्रुप की कंपनियों के ज़रिए और भी कई स्तरों पर घुमाया गया और उसका इस्तेमाल कई कामों में किया गया, जैसे कि यूनाइटेड स्टेट्स बैंकरप्सी कोर्ट के ज़रिए अमेरिका की कंपनी EBIX Inc. में 97.58% हिस्सेदारी खरीदना, और भारत व विदेश में शेयर, सिक्योरिटीज़ और अन्य एसेट्स बनाना।
इस मामले में पहले, 05.06.2026 को एक प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया गया था। इसके तहत विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों और उनके मालिकाना हक और कंट्रोल वाली कंपनियों की चल और अचल संपत्तियों को ज़ब्त किया गया था। इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 940.77 करोड़ रुपये थी, जिनमें रिहायशी संपत्तियां, ज़मीन के टुकड़े, इक्विटी शेयर और अन्य सिक्योरिटीज़ शामिल थीं। जांच से यह पता चला है कि विकास गर्ग ने अपने खिलाफ चल रही जांच के दौरान भी अपराध से हुई कमाई (प्रोसीड्स ऑफ़ क्राइम) को छिपाने और इधर-उधर करने की कोशिशें जारी रखीं।
इस मामले में पहले सात प्रोविज़नल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए गए थे और रायपुर की माननीय स्पेशल कोर्ट (PMLA) में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की गई हैं। कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान लिया है। इस मामले में अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच/ज़ब्त/फ़्रीज़ किया गया है। आगे की जांच जारी है।
ED, Raipur Zonal Office, has arrested Vikas Garg in the case relating to the illegal betting operations of Mahadev Online Book, Skyexchange and others, under PMLA, 2002. Vikas Garg was arrested on 14.07.2026 at New Delhi under Section 19 of the PMLA. He was produced before the… pic.twitter.com/AOtHzIPF9U
— ED (@dir_ed) July 17, 2026
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