एक तरफ जहाँ आज पूरा देश 76वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, वहीं दूसरी ओर संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को अमृतसर के हेरिटेज स्ट्रीट पर किसी शरारती व्यक्ति ने तोड़ने की कोशिश की और संविधान को आग लगा दी. इस घटना के विरोध में दलित समाज ने हालगेट के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
पत्रकारों से बात करते हुए दलित समाज के नेताओं ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक व्यक्ति ने संविधान निर्माता डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, यह खुली बेअदबी है. इस घटना के विरोध में लोग इकट्ठा हुए और कल पंजाब बंद का आह्वान करेंगे.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
प्रदर्शनकारियों से बातचीत के दौरान मौके पर पहुंचे एआईजी जेएस वालिया ने बताया कि डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुलिस ने मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही दलित समाज के नेता कल अपनी बैठक करेंगे.

कांग्रेस नेता ने की कार्रवाई की मांग
कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन बाबा साहब की मूर्ति को खंडित करने की यह घिनौनी हरकत निंदनीय है. उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस घटना के पीछे की साजिश और
शक्तियों का पर्दाफाश किया जाए.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन सिर्फ अमृतसर बंद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती.
- छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम के नियमों में बड़ा बदलाव, अब 24 घंटे में मिलेगा पंजीयन प्रमाणपत्र, ऑनलाइन हुई पूरी प्रक्रिया
- छत्तीसगढ़ के सिंचाई जलाशयों में 52 प्रतिशत से अधिक पानी, पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति
- मौत की सेल्फी: पिकनिक के दौरान वॉटरफॉल में बैठकर फोटो लेना पड़ा महंगा, पैर फिसलने से पानी में समाया
- UP Panchayat Election Voter List 2026 जारी, बड़े स्तर पर किया गया संशोधन
- सुशासन तिहार में कलेक्टर का सख्त रुख: भुगतान में देरी पर वन SDO को मंच से लगाई कड़ी फटकार, कहा- ‘मजदूर अपनी मजदूरी मांग रहा है, भीख नहीं’…
