Odisha News : भुवनेश्वर. भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक ‘नीली’ जर्सी को बदलकर ‘भगवा’ (केसरिया) किए जाने के फैसले पर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. आगामी विश्व कप में भारतीय टीम इस नई जर्सी में मैदान पर उतरने वाली है. हालांकि, पूर्व खिलाड़ियों का आरोप है कि इस फैसले के पीछे हॉकी इंडिया के भीतर चल रही अंदरूनी कलह, सत्ता के संघर्ष और गंभीर आरोपों से जनता का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश है.
अध्यक्ष दिलीप तिर्की ने जताई नाराजगी
हॉकी इंडिया भले ही इसे खिलाड़ियों और अधिकारियों का ‘सामूहिक निर्णय’ बता रहा हो, लेकिन अध्यक्ष पद्मश्री दिलीप तिर्की का एक सामने आया ई-मेल इस दावे की पोल खोलता है. महासचिव भोलानाथ सिंह को भेजे ई-मेल में तिर्की ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला उनकी जानकारी के बिना और कार्यकारिणी बोर्ड की बैठक में चर्चा किए बिना लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, कप्तान और कोच को सिर्फ नई जर्सी दिखाई गई थी, लेकिन उनके अंदरूनी असंतोष को दबा दिया गया. धनराज पिल्लै और बीरेन रसकिता जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने भी इस फैसले का कड़ा विरोध किया है.
Odisha News: क्या गंभीर विवादों से ध्यान हटाने की है कोशिश?
पूर्व खिलाड़ियों का दावा है कि हॉकी इंडिया के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर लगे यौन शोषण और उत्पीड़न के आरोपों से नजरें हटाने के लिए जर्सी का मुद्दा खड़ा किया गया है. भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने महासचिव भोलानाथ सिंह पर पद के दुरुपयोग और धमकी देने का आरोप लगाया है. वहीं पूर्व कोच सुधीर गोल्ला पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद केंद्रीय खेल मंत्रालय ने निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं.
Odisha News: मुख्य प्रायोजक ओडिशा सरकार का रुख
साल 2023 के क्रिकेट विश्व कप के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम को भी भगवा जर्सी का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे खिलाड़ियों ने खारिज कर दिया था. लेकिन हॉकी में खिलाड़ी दबाव के कारण चुप बताए जा रहे हैं. भारतीय हॉकी के मुख्य प्रायोजक ‘ओडिशा सरकार’ ने इस पूरे घटनाक्रम पर अनौपचारिक रूप से नाराजगी जताई है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार आगे क्या कदम उठाती है.
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