औरंगाबाद। जिले के अंबा थाना क्षेत्र में एक मजदूर की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला यह मजदूर पिछले चार महीनों से यहां एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहा था। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश में जुटी है।
घटना का विवरण और शव की बरामदगी
बुधवार की देर रात अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा गांव के पास स्थित एक ईंट भट्ठे पर संदिग्ध परिस्थिति में एक मजदूर की जान चली गई। गुरुवार की सुबह जब अन्य मजदूर काम पर निकले, तो उन्होंने ज्ञान सिंह (मृतक) का शव पास ही एक बांस के सहारे फंदे से लटका हुआ पाया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृतक की पहचान ज्ञान सिंह के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना अंतर्गत सहबाजपुर बेहटा गांव का निवासी था। वह अविवाहित था और अपने दो भाइयों में छोटा था। पिछले चार महीनों से वह इस भट्ठे पर मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने में मदद कर रहा था।
जांच से पहले बदला गया घटनास्थल?
मामले में एक पेचीदा मोड़ तब आया जब पता चला कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही सहकर्मियों ने शव को फंदे से नीचे उतार लिया था। शव को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक झोपड़ीनुमा कमरे में रख दिया गया था। अंबा थानाध्यक्ष राहुल राज और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया।
साथी मजदूर का बयान और नशे की लत
ज्ञान सिंह के साथ काम करने वाले मोहम्मद अली राजा ने बताया कि ज्ञान सिंह को शराब और ताड़ी पीने की आदत थी। बुधवार शाम को भी वह अत्यधिक नशे में था और अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा था। अली राजा के अनुसार, करीब एक महीने पहले मानसिक तनाव या गुस्से में ज्ञान सिंह ने अपना मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। रात भर लापता रहने के बाद सुबह उसकी मौत की खबर आई।
संदिग्ध परिस्थितियां: हत्या या आत्महत्या?
स्थानीय ग्रामीणों के बीच इस मौत को लेकर गहरा संदेह है। लोगों का तर्क है कि जिस बांस से शव लटका मिला, वह काफी लचीला होता है और शव के घुटने जमीन को छू रहे थे। ऐसी स्थिति में फंदा लगाकर जान देना तकनीकी रूप से कठिन माना जाता है। इसी कारण ग्रामीण इसे हत्या कर शव को लटकाए जाने की साजिश बता रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और FSL टीम
थानाध्यक्ष राहुल राज ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल UD केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए FSL की टीम की मदद ले रही है। थानाध्यक्ष ने कहा, परिजनों को सूचित कर दिया गया है। मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
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