औरंगाबाद। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत अब केवल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इसे धरातल पर उतार रहे हैं। बिहार के औरंगाबाद जिले में इसकी एक अनूठी मिसाल देखने को मिली, जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश (DJ) राजीव रंजन कुमार अपनी सरकारी लग्जरी कार को आवास पर छोड़कर साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में ईंधन खपत कम करने की अपील के बाद जिला जज की इस पहल को एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
जज के साथ स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर आए नजर
बुधवार सुबह जब जिला जज राजीव रंजन कुमार अपने सरकारी आवास से साइकिल पर निकले, तो उनके पीछे-पीछे फैमिली कोर्ट के जज अरुण कुमार, पेशकार आत्मानंद राय और उनकी सुरक्षा में तैनात जवान भी साइकिल चलाते नजर आए। आमतौर पर नीली बत्ती और सायरन वाली गाड़ियों के काफिले में चलने वाले न्यायाधीशों को इस सादगी भरे अंदाज में देखकर सड़कों पर खड़े लोग दंग रह गए।
500 मीटर का सफर और सादगी की मिसाल
जिला जज का सरकारी आवास व्यवहार न्यायालय (कोर्ट परिसर) से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। इस छोटी सी दूरी के लिए भी अक्सर वीआईपी गाड़ियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन जज साहब ने इस परंपरा को तोड़ते हुए साइकिल को चुना। कोर्ट पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और वादियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक साहसिक और अनुकरणीय कदम बताया।
पीएम मोदी की अपील ने किया प्रेरित
हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि जहां संभव हो, लोग निजी वाहनों के बजाय साइकिल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी। हालांकि, जिला जज ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन उनके इस कदम को सीधे तौर पर पीएम की उसी अपील से जोड़कर देखा जा रहा है।
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