निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने बांग्लादेश की अवामी लीग पर लगाए गए प्रतिबंध की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी की अनुमति देने और अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध हटाने की बांग्लादेश सरकार से अपील करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने की मांग की. BNP सरकार से अपील की कि वह हसीना को देश वापस लौटने में मदद करे.

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा कि अवामी लीग नेता शेख हसीना को जिस तरह से सत्ता से हटाया गया, वह गलत हरकत होने के साथ साथ, लोकतंत्र विरोधी भी था.

लेखिका तसलीमा नसरीन ने रविवार को बांग्लादेश सरकार से अवामी लीग पर लगे बैन को हटाने और देश से बाहर हुईं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस लौटने में मदद करने की अपील की. उन्होंने जुलाई 2024 में हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद हसीना की पार्टी, बांग्लादेश अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मांग की.

लेखिका को शेख हसीना के कार्यकाल के दौरान ही बांग्लादेश से निर्वासित होना पड़ा था. बांग्लादेश की मौजूदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सरकार से अपील की कि वह हसीना को देश वापस लौटने में मदद करे. उन्होंने कहा कि शेख हसीना को अपनी पार्टी का नेतृत्व करने और चुनाव में हिस्सा लेने के लिए बांग्लादेश वापस आने का अवसर दिया जाना चाहिए.

अवामी लीग पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने 2025 में आतंकवाद विरोधी कानून के तहत बैन लगा दिया था. इस पर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा, ‘किसी भी राजनीतिक दल पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए. उन्होंने इस फैसले को ‘लोकतंत्र के खिलाफ’ करार दिया है. उनके मुताबिक किसी भी राजनीतिक दल को गैरकानूनी घोषित करके बैन नहीं किया जाना चाहिए.

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