अयोध्या के सिविल लाइंस में 102 करोड़ रुपये की लागत से 2.44 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक छह मंजिला संयुक्त प्रशासनिक भवन का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है। दीपोत्सव से पहले हस्तांतरित होने वाले इस सौर ऊर्जा संचालित परिसर में नगर निगम और अयोध्या विकास प्राधिकरण के कार्यालय एक साथ संचालित होंगे।

अयोध्या। श्रीराम की नगरी अयोध्या में प्रशासनिक सेवाओं को डिजिटल और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा ढांचागत आधार तैयार कर लिया गया है। सिविल लाइंस इलाके में स्थित सदर तहसील के समीप 2.44 एकड़ क्षेत्रफल में फैला छह मंजिला अत्याधुनिक संयुक्त प्रशासनिक परिसर अब अपनी अंतिम फिनिशिंग के चरण में है। 102 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस विशाल परिसर में अयोध्या विकास प्राधिकरण और नगर निगम के दफ्तर एक ही छत के नीचे काम करना शुरू करेंगे।

दीपोत्सव से पहले हैंडओवर की तैयारी

नवंबर 2023 में शुरू हुई इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को पूरा करने की अंतिम सीमा अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। लगभग 26 मीटर ऊंचे इस परिसर में दो भूमिगत तल (बेसमेंट), आधुनिक लिफ्ट तंत्र तथा 292 चार पहिया वाहनों को पार्क करने की क्षमता विकसित की गई है। निर्माण एजेंसी वैगमाइन इंटरप्राइजेज के परियोजना प्रबंधक महाराम शर्मा ने जानकारी दी कि इमारत लगभग बनकर तैयार है और दीपोत्सव पर्व से पूर्व इसे संबंधित विभागों को सौंपने की प्रक्रिया जोर-शोर से जारी है।

सौर ऊर्जा और स्मार्ट बैकअप से लैस

इमारत को पर्यावरण के अनुकूल बनाते हुए पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित करने का खाका खींचा गया है। छत पर उच्च क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं, जो दैनिक विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे। इसके साथ ही, किसी भी तकनीकी बाधा या बिजली कटने की स्थिति में निर्बाध कामकाज सुनिश्चित करने के लिए एडवांस पावर बैकअप सिस्टम भी लगाया गया है। परिसर की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे और स्वचालित अग्निशमन उपकरण स्थापित किए गए हैं।

मॉनिटरिंग और नागरिक सुविधाएं होंगी आसान

अयोध्या में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता रही है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार, नए भवन के क्रियाशील होने से जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण होगा और शहर के विकास कार्यों की सीधी निगरानी संभव हो सकेगी। एकीकृत प्रशासनिक केंद्र बनने से नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।