मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के विरोध में बुलाई गई संतों की प्रस्तावित बैठक को लेकर मंगलवार को अयोध्या में हंगामा खड़ा हो गया. रामायणम आश्रम में आयोजित होने वाली इस बैठक को पुलिस ने अनुमति नहीं दी, जिसके बाद संतों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई.

जानकारी के मुताबिक चंपत राय के विरोधी गुट के संतों ने रामायणम आश्रम में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी. संतों का आरोप है कि बैठक शुरू होने से पहले ही स्थानीय पुलिस ने आश्रम के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और कई संतों को कुछ देर के लिए नजरबंद कर दिया गया. इस कार्रवाई से नाराज संतों ने जिला प्रशासन पर ट्रस्ट से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है. विरोध प्रदर्शन के दौरान संतों ने जमकर नारेबाजी की.

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आश्रम के बाहर “चंदा चोरों, अयोध्या छोड़ो” के नारे गूंजते रहे. अयोध्या के संतों का कहना है कि राम मंदिर निर्माण के लिए आए चंदे के मामले में सच्चाई को दबाया जा रहा है और आरोपियों को बचाया जा रहा है. उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है. बैठक में शामिल महंत जन्मेजय शरण, प्रकाशानंद गिरि उर्फ कंप्यूटर बाबा और महामंडलेश्वर परमानंद गिरि समेत कई प्रमुख संतों ने कहा कि वर्तमान ट्रस्ट संतों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता.

संतों ने की ट्रस्ट भंग करने की मांग

संतों ने एक स्वर में मांग की है कि वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाए और उसकी जगह संतों के नेतृत्व वाला नया ट्रस्ट बनाया जाए, जो पारदर्शी तरीके से काम करे. विरोधी गुट ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जल्द ही एक लाख संतों को लेकर अयोध्या में एक महाबैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.