हरियाणा सरकार ने गांवों में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए 26 नए आयुर्वेदिक औषधालय खोलने की योजना बनाई है। इस परियोजना पर 15.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा सरकार प्रदेश में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आयुर्वेद को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने 6 जिलों में 26 नए सरकारी आयुर्वेदिक औषधालय स्थापित करने की योजना तैयार की है। इस फैसले के बाद ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को अपने नजदीक ही आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा मिल सकेगी। खास बात यह है कि इस पूरी परियोजना पर लगभग 15.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी जानकारी के अनुसार, नए आयुर्वेदिक औषधालयों का सबसे बड़ा लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं या लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर-दराज शहरों का रुख करना पड़ता है। योजना के तहत यमुनानगर जिले में सबसे अधिक 10 नए आयुर्वेदिक औषधालय स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा महेंद्रगढ़ में 6, रेवाड़ी में 5 और कुरुक्षेत्र में 3 नए औषधालय खोले जाएंगे। वहीं करनाल और गुरुग्राम में भी 1-1 नए आयुर्वेदिक केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। सरकार का मानना है कि इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।

इन नए औषधालयों में लोगों को आयुर्वेदिक दवाइयों की उपलब्धता, सामान्य बीमारियों का उपचार, स्वास्थ्य परामर्श और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से जुड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच आयुर्वेद को लेकर लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल न केवल ग्रामीण जनता को सुलभ स्वास्थ्य सुविधा देगी, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क मजबूत होता है तो छोटी बीमारियों के इलाज के लिए शहरों पर निर्भरता कम होगी और लोगों को समय व पैसे दोनों की बचत होगी। वहीं सरकार का यह कदम प्रदेश में जी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।