चंडीगढ़। हरियाणा में गरीब और जरूरतमंद मरीजों को कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने वाली आयुष्मान योजना को लेकर अस्पतालों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। योजना से जुड़े करीब 480 अस्पतालों का 1,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान लंबित होने का दावा किया जा रहा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने से अस्पताल संचालकों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ने की बात कही जा रही है।

बकाया राशि के भुगतान को लेकर अब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) हरियाणा ने सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। आईएमए के अनुसार, यदि सरकार ने लंबित भुगतान को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया, तो प्रदेशभर में आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया जा सकता है।

आईएमए ने विरोध के पहले चरण में 1 सितंबर को 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया है। संगठन की ओर से चेतावनी दी गई है कि मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो 16 सितंबर से पूरे प्रदेश में आयुष्मान सेवाएं बंद की जा सकती हैं।

महीनों से भुगतान लंबित होने का दावा
आईएमए से जुड़े अस्पतालों का कहना है कि वे आयुष्मान योजना के तहत लगातार मरीजों को उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन उपचार के बदले मिलने वाली राशि का भुगतान समय पर नहीं हो रहा।

अस्पताल संचालकों के मुताबिक, लंबे समय तक भुगतान अटके रहने से अस्पतालों के रोजमर्रा के संचालन और वित्तीय प्रबंधन पर असर पड़ रहा है। अस्पतालों का दावा है कि लंबित भुगतान का आंकड़ा 1,200 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। इसके चलते निजी अस्पतालों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

सरकार से जल्द समाधान की मांग

आईएमए हरियाणा ने सरकार से लंबित क्लेम का भुगतान जल्द जारी करने और भविष्य में भुगतान प्रक्रिया को नियमित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

अगर 16 सितंबर से आयुष्मान सेवाएं बंद होती हैं, तो इसका सीधा असर योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल आईएमए ने इसे सरकार के साथ बातचीत के जरिए सुलझाने की उम्मीद भी जताई है।

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