अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. बबुरी में भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग से परेशान क्षेत्रवासियों का गुस्सा गुरुवार देर रात फूट पड़ा. नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में बबुरी बिजली उपकेंद्र पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात ऐसे बने कि प्रदर्शनकारियों ने पावर हाउस के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर अपनी नाराजगी जताई और अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया.

इसी बीच एक शख्स ने उपकेंद्र में ताला जड़ दिया. जब सांसद ने उस शख्स को फोन किया तो उसने कहा कि ‘सांसद जी हमने ताला बंद कर दिया है और हम यहां से घर नहीं जाएंगे. हमारी बीवी कह रही है कि आप क्या भाजपा के नेता हो जब लाइन नहीं दे पा रहे हो. जाओ यहां से. तो हम ताला बंद करके यहां धरना पर बैठे हुए हैं पावर हाउस पे. अब जो करना है आप करिए.’

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ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रातभर बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. 20 से 40 मिनट के अंतराल पर बिजली दी जा रही थी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी, वहीं व्यापारियों और छात्रों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई. धरनारत लोगों का कहना था कि दिन में किसी हद तक कटौती सहन की जा सकती है, लेकिन भीषण गर्मी के बीच रात में लगातार बिजली बाधित होना अब स्वीकार्य नहीं है. प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए.

ग्रामीणों ने दी चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा. धरने के दौरान प्रतिनिधि के रूप में महेंद्र सेठ और प्रकाश धरने पर बैठ गए, जबकि उनके समर्थन में सैकड़ों ग्रामीण पूरी रात उपकेंद्र परिसर में डटे रहे. इस बीच सूचना मिलने पर भाजपा नेता राणा सिंह भी धरनास्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. बताया गया कि उन्होंने मौके से ही बिजली विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर समस्या के समाधान की मांग उठाई. फिलहाल बबुरी बिजली उपकेंद्र का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं.