देहरादून. बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी (Badrinath Dham offerings stole case) को लेकर हरिद्वार से भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि देवस्थानम बोर्ड होता तो यह घटना नहीं होती. मेरा कहना था देवस्थानम बोर्ड हो. इस बोर्ड में पारदर्शिता से काम होता. ‘जांच पारदर्शिता से हो, दोषियों को कड़ी सजा मिले.’
बता दें कि श्री बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे आदि के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायतों एवं प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है. समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे. समिति में प्रबंध निदेशक, NHM संदीप तिवारी और कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं.
इसे भी पढ़ें : श्री बद्रीनाथ चढ़ावा घोटाला: यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार को घेरा, कहा- करोड़ों सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी. साथ ही 15 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट और संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी. जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग और परामर्श प्राप्त कर सकेगी. साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों और सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी.

