Bahadur Singh Koli: हलैना क्षेत्र के धरसोनी गांव में शुक्रवार को कुश्ती दंगल कार्यक्रम में पहुंचे वैर से भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विधायक को घेरकर नारेबाजी की और गांव में पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई। विरोध बढ़ने पर विधायक को समर्थकों के साथ कार्यक्रम छोड़कर जाना पड़ा। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ग्रामीणों की नाराजगी गांव में जल जीवन मिशन के तहत बने उच्च जलाशय से पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने को लेकर बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से वे विभाग और जनप्रतिनिधियों के सामने इस समस्या को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है।

विधायक को ग्रामीणों ने घेरा, नारेबाजी की

शुक्रवार को बहादुर सिंह कोली दंगल कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक पर चुनाव के दौरान ही गांव में आने का आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। वीडियो में युवक अगली बार चुनाव लड़ने पर जमानत जब्त होने की बात भी कहता नजर आ रहा है।

विरोध के दौरान युवक ने विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। स्थिति बिगड़ती देख विधायक के समर्थक उन्हें वहां से निकालकर ले गए। घटना के दौरान किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।

पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से नाराजगी

धरसोनी गांव में जल जीवन मिशन के तहत उच्च जलाशय का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के बावजूद अभी तक इससे पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है। ग्रामीण इस समस्या को लेकर पहले भी विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के बीच विधायक के गांव में पहुंचने पर विरोध सामने आया।

बहादुर सिंह कोली पहले भी विवादों में रहे

भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली इससे पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। वर्ष 2019 में वह एक स्टिंग मामले को लेकर विवादों में आए थे। इसके बाद उनकी सांसद की टिकट कटने की बात सामने आई थी।

27 जुलाई 2016 को लुधावई टोल प्लाजा पर सुरक्षाकर्मी को थप्पड़ मारने का मामला भी सामने आया था। नवंबर 2023 में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथित तौर पर एक समाज के लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल और एसपी व मुख्यमंत्री को पीटने की बात कही गई थी। बाद में उन्होंने इन बातों से पलटने की बात सामने आई थी।

मार्च 2024 में जयपुर में विधायक और उनके पीएसओ गजेंद्र सिंह मीणा के साथ मारपीट का मामला भी सामने आया था। विधायक ने इस संबंध में एक प्रॉपर्टी कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

अप्रैल 2024 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की चुनावी सभा से पहले स्थान का निरीक्षण करने के दौरान एक भाजपा महिला कार्यकर्ता को लेकर विधायक की कथित टिप्पणी भी विवाद का कारण बनी थी। इसके अलावा ट्रेन में उनके साथ मारपीट का मामला भी पहले सामने आ चुका है।

नवंबर 2025 में महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय की बैठक में विधायक ने घोटाले के आरोपियों की ओर से 50 लाख रुपए रिश्वत देने की पेशकश का आरोप लगाया था। दिसंबर 2025 में एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल से बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें विधायक द्वारा कथित तौर पर प्रिंसिपल को धमकाने की बात सामने आई थी।

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