नीरज काकोटिया, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से अंधविश्वास, लालच और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां किरनापुर थाना पुलिस ने ग्राम कलकत्ता में एक विधवा महिला पर हुए जानलेवा हमले का ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया।
दरअसल एक ढोंगी पंडा की ‘तांत्रिक भविष्यवाणी’ के जाल में फंसकर 9 आरोपी एक विधवा महिला के घर में गड़े धन निकालने के लिए घुसे थे। लेकिन महिला के जाग जाने पर उन्होंने बेरहमी से उस पर चाकू से हमला कर दिया। महिला इस समय गंभीर हालत में आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य साजिशकर्ता पंडा सहित सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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ढोंगी पंडा का तांत्रिक दावा: ‘लीलाबाई के घर गड़ा है डबल मनी का खजाना’
पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने इस रूह कंपा देने वाले मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि घटना की पटकथा अंधविश्वास और अथाह पैसे की हवस में लिखी गई थी।
ग्राम कलकत्ता के देवटोला का रहने वाला ढोंगी पंडा रामसिंग मर्सकोले तंत्र-मंत्र का नाटक करता था। उसके पास अंकित राहंगडाले नाम का युवक पहुंचा और रातों-रात अमीर बनने की इच्छा जताई।
पंडा रामसिंग ने अपनी कथित तंत्र क्रिया का ढोंग रचते हुए दावा किया कि गांव की ही रहने वाली विधवा लीलाबाई महेश्वरे के घर के नीचे जमीन में ‘डबल मनी’ घोटाले के आरोपियों के करोड़ों रुपये दफन हैं। बस फिर क्या था इस काल्पनिक खजाने को लूटने के लिए पंडा और अंकित ने मिलकर एक गैंग तैयार कर ली।
बल्ब निकाला, अंधेरा किया… और फिर पलंग के पास मची चीख-पुकार
यह खौफनाक घटनाक्रम 11 और 12 जुलाई की दरमियानी रात लगभग 9:30 बजे का है। पीड़ित महिला लीलाबाई अपने घर पर पलंग पर सो रही थी। तभी आरोपी एक टवेरा गाड़ी से वहां पहुंचे।
साजिश के तहत अंधेरा किया: आरोपियों ने सबसे पहले घर के बाहर जल रहे बिजली के बल्ब को निकाल दिया ताकि चारों तरफ घुप्प अंधेरा हो जाए।
एक गलती और खुल गई पोल: जैसे ही हथियारबंद आरोपी घर के भीतर जमीन खोदने के इरादे से घुसे, अंधेरे में एक आरोपी का पैर वहां रखी लकड़ी से टकरा गया। आवाज सुनते ही लीलाबाई की नींद खुल गई और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया।
चाकू से ताबड़तोड़ वार: खुद को फंसता देख आरोपियों ने पहले से लाए धारदार चाकू और हथियारों से लीलाबाई पर जानलेवा हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में तड़पती महिला को छोड़कर आरोपी मौके से भाग निकले।
भागते समय छूटा मोबाइल; पुलिस ने बिछाया जाल और दबोचे सभी 9 आरोपी
वारदात को अंजाम देकर भागने की जल्दबाजी में आरोपियों से एक बड़ी चूक हो गई। वारदात वाली जगह पर एक आरोपी का मोबाइल फोन छूट गया था। पुलिस ने इसी सुराग को पकड़ा और कड़ियां जोड़ते हुए ताबड़तोड़ दबिश दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल पंडा सहित सभी 9 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य भूमिका वंश कुथे की रही, इसके अलावा, रामसिंह मर्सकोले (ढोंगी पंडा), अंकित राहंगडाले, विजय गोंदुड़े, धनेश्वर पांचे, रविंद्र वागड़े, राजेश बिसेन, नितेंद्र अगासे और आर्यन कुथे शामिल रहे।
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पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और डकैती की साजिश समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में अंधविश्वास को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।
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