रोहतक। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एएसजे) कपिल राठी की अदालत ने मई 2011 के चर्चित विष्णु निगाना हत्याकांड में महम से दो बार विधायक रहे बलवीर सिंह उर्फ बाली पहलवान समेत 7 दोषियों को कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने लंच टाइम के बाद यह फैसला सुनाया। कलानौर अनाज मंडी में हुई इस गोलीबारी की घटना में आढ़ती के रिश्तेदार विष्णु की मौत हो गई थी। अदालत ने मामले में एक दिन पहले ही इन 7 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जबकि 8 अन्य को साक्ष्यों की कमी के कारण बरी कर दिया गया।
7 आरोपी दोषी करार, 8 सबूतों के अभाव में बरी
अदालत ने बुधवार को पूर्व विधायक बाली पहलवान के साथ-साथ सुनील, पवन, सुनील उर्फ सोलर, राजेश, दिनेश उर्फ काला और मुकेश को मर्डर केस में दोषी ठहराया था। वहीं, मामले में नामजद 8 अन्य आरोपियों—दिनेश, राजेंद्र, सत्येंद्र, फूल कुमार, कुलदीप, परमजीत, सतीश और रविंद्र को साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया गया। सजा का ऐलान होते ही पूर्व विधायक को हिरासत में ले लिया गया। बाली इस मामले में पहले भी करीब सात साल तक जेल में रह चुके हैं।
कलानौर मंडी में 6 मई 2011 को हुई थी वारदात
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 6 मई 2011 को रोहतक जिले की कलानौर अनाज मंडी में दो पक्षों के बीच हिंसक विवाद हुआ था। बसाना गांव के पूर्व सरपंच सीताराम राठी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में बाली पहलवान समेत 18 लोगों को नामजद किया गया था। वारदात की दो अलग-अलग वजहें सामने आई थीं:
- चंदा और चारा विवाद: पहली रिपोर्ट के मुताबिक, बाली पहलवान के समर्थक मंडी में पशु चारा या चंदा मांगने पहुंचे थे, जहां पूर्व सरपंच सीताराम राठी से उनकी कहासुनी हो गई।
- रंगदारी का आरोप: दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, बाली के साथियों पर सीताराम से 5 लाख रुपये की कथित प्रोटेक्शन मनी (रंगदारी) मांगने का आरोप लगा था। विरोध करने पर सीताराम और उनके साले विनोद से हाथापाई हुई, जिसके बाद अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इसी गोलीबारी में सीताराम के साले और निगाना निवासी विष्णु की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए।
3 हफ्ते तक घिरी रही पुलिस, महिलाओं ने उठाई थीं बंदूकें
घटना के समय हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। मामला रोहतक से जुड़ा होने के कारण पुलिस के लिए बाली पहलवान को गिरफ्तार करना बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। बाली की गिरफ्तारी रोकने के लिए मोखरा स्थित उनके घर पर 100 से ज्यादा समर्थकों का डेरा था। उस समय समर्थकों के साथ-साथ महिलाओं ने भी बंदूकें थाम ली थीं, जिससे पुलिस कई दिनों तक कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाई।
गाड़ी की छत पर चढ़कर भाषण दिया और किया सरेंडर
घटना के करीब तीन हफ्ते बाद, 27 मई 2011 को बाली पहलवान ने भारी भीड़ के साथ रोहतक कोर्ट में सरेंडर किया था। सरेंडर से पहले बाली ने गाड़ी की छत पर खड़े होकर समर्थकों के सामने भाषण दिया था और खुद को निर्दोष बताया था। इसके बाद वह करीब 7 साल तक जेल में रहे। जमानत मिलने पर समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया था।
उल्लेखनीय है कि बलवीर सिंह उर्फ बाली पहलवान राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली रहे हैं। वह 1996 में समता पार्टी के टिकट पर और 2000 में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के टिकट पर महम विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे।
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