कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश का प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों की कब्रगाह बन गया है। ढाई महीने के अंदर 8 बाघों की मौत हुई है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
4 बाघों की मौत करंट से
दरअसल 21 नवंबर से 2 फरवरी के बीच 8 बाघों की मौत हुई मौत है। 4 बाघों की मौत टाइगर रिजर्व के अंदर और 4 बाघों की मौत सामान्य वन क्षेत्र में हुई है। दो टाइगर की मौत आपसी संघर्ष, एक टाइगर की मौत कुएं में डूबने से, एक की प्राकृतिक बीमारी जबकि चार बाघों की मौत की वजह करंट बताई गई है।
वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट ने लगाई जनहित याचिका
रिपोर्ट में कहा गया बाघों के अवशेष पूरी तरह सुरक्षित है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को स्टेटस रिपोर्ट पर जवाब पेश करने के निर्देश दिए। टाइगर स्टेट होने के बाद भी साल 2025 में मध्य प्रदेश में 54 टाइगरों की मौत हुई है। भोपाल के वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने जनहित याचिका लगाई है। 25 मार्च को मामले में अगली सुनवाई होगी।
2022 से अब तक बाघों की मौतें…
साल 2022 में 43 बाघों की मौतें
साल 2023 में 45 बाघों की मौतें
साल 2024 में 46 बाघों की मौतें
साल 2025 में सबसे ज्यादा 54 बाघों की मौत
साल 2026 में अब तक 6 बाघों की मौत
4 साल में कुल 194 बाघों की मौत
प्रदेश में 1973 में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी।

