पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) द्वारा आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में चुनावी तैयारियों का खाका पेश किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षात्मक और प्रशासनिक प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं।
3.79 लाख मतदाता तय करेंगे प्रत्याशियों की किस्मत
उपचुनाव में कुल 3,79,616 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 2,00,060 पुरुष, 1,79,533 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग ने लोकतंत्र के इस उत्सव में हर वर्ग से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की है। चुनावी मैदान में डटे 25 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला इन्हीं मतदाताओं के हाथों में है। नामांकन के बाद कुल 26 वैध उम्मीदवार थे जिनमें से एक के नाम वापस लेने के बाद अब 25 प्रत्याशी चुनावी समर में हैं।
422 केंद्रों पर मतदान, वेबकास्टिंग से कड़ी निगरानी
मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कुल 422 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 247 सरकारी और 175 निजी भवनों में बनाए गए हैं।
सुदूर क्षेत्रों और विशेष आवश्यकताओं को देखते हुए 29 चलंत (मोबाइल) मतदान केंद्र भी सक्रिय किए गए हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों की वेबकास्टिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी। पहचान के लिए मतदाता पहचान पत्र के अलावा 12 वैकल्पिक फोटो युक्त पहचान पत्र भी मान्य होंगे।
आदर्श आचार संहिता और सुरक्षा का कड़ा पहरा
प्रशासन ने आचार संहिता के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की है। अब तक की छापेमारी में 2 अवैध हथियार, 16 कारतूस, 2652 लीटर शराब और 2.78 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि संवेदनशील केंद्रों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। मतदान के बाद वोटों की गिनती पटना के एएन कॉलेज स्थित कला भवन में होगी, जिसके लिए भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से निर्भीक होकर मतदान करने का आग्रह किया है। प्रशासन का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां हर मतदाता बिना किसी दबाव के अपना वोट डाल सके। मतदान प्रक्रिया के हर चरण की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि चुनाव में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो और बांकीपुर की जनता का निर्णय निष्पक्ष रूप से सामने आ सके।

