पटना। जिले की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में सरगर्मी बढ़ा दी है। भाजपा जहां अपने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर लगाने की तैयारी में है, वहीं राजद ने अपना चेहरा साफ कर दिया है। प्रशांत किशोर के जनसुराज के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय होने के संकेत मिल रहे हैं।

​भाजपा की रणनीति और संभावित चेहरे

​भाजपा आज अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर सकती है। चर्चा है कि प्रदेश महामंत्री अजीत कुमार लाली का नाम दौड़ में सबसे आगे है। वैश्य समाज से आने वाले लाली को मंत्री नितिन नवीन का करीबी माना जाता है और पार्टी में उनकी तीन दशकों की सक्रियता उनके पक्ष में जाती है। उनके अलावा नील रतन घोष का नाम भी चर्चा में है। नितिन नवीन आज पटना पहुंचकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन करेंगे, जिसके बाद औपचारिक घोषणा संभव है।

​राजद का दांव और गठबंधन में तकरार

​राजद ने एक बार फिर रेखा कुमारी गुप्ता पर भरोसा जताया है। वैश्य समुदाय से आने वाली रेखा गुप्ता पिछले चुनाव में भी प्रत्याशी थीं। हालांकि, इस फैसले से महागठबंधन में दरार दिख रही है। कांग्रेस इसे अपनी ‘पारंपरिक सीट’ बताकर दावेदारी जता रही है, जबकि राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पिछले प्रदर्शन का हवाला देते हुए सीट पर अपना हक कायम रखा है। कांग्रेस की नाराजगी ‘इंडिया’ गठबंधन के लिए चुनौती बन सकती है।

​प्रशांत किशोर का जनसुराज और चुनौतियां

​जनसुराज से खुद प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में होंगे। पीके का दावा है कि वे अनसेफ सीट से लड़कर एक प्रयोग कर रहे हैं ताकि बिहार की राजनीति को जाति-धर्म से ऊपर उठाया जा सके। हालांकि, उनके लिए राह आसान नहीं है; नामांकन और प्रचार के बीच उन्हें सांसद संजय जायसवाल द्वारा दायर मानहानि मामले में 28 जुलाई को कोर्ट में भी पेश होना है।

​चुनाव का कार्यक्रम

​नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 13 जुलाई तक पर्चा भर सकेंगे। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को जनादेश सामने आएगा। रेखा गुप्ता ने जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस बार बदलाव चाहती है, जबकि पीके का मानना है कि उनकी जीत से जनसुराज का मनोबल बढ़ेगा। बांकीपुर का यह उपचुनाव अब प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।