दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। एमपी के नर्मदापुरम संभाग के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र मोहासा स्थित भगवती राइस मिल में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। काम के दौरान 45 वर्षीय मजदूर महेश नामदेव भीषण हादसे का शिकार हो गया। मशीन की चपेट में आने से उसका एक हाथ और एक पैर कट गया। महेश मूलतः बिकोर का निवासी है और फिलहाल माखननगर में रहकर मिल में मजदूरी करता था। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे हुए इस हादसे के बाद वहां मौजूद साथी मजदूरों ने किसी तरह महेश को मशीन से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे भोपाल के सागर अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
हादसे के 24 घंटे बाद भी कंपनी प्रबंधन ने घटना की कोई आधिकारिक सूचना पुलिस या प्रशासन को नहीं दी, जिससे प्रबंधन पर मामले को दबाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। शनिवार रात करीब 9 बजे जब माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर जांच के लिए पहुंचीं, तो फैक्ट्री का गेट बंद मिला और पुलिस को अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। रविवार शाम नायब तहसीलदार, पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने दोबारा मौके पर दबिश दी। इस दौरान भी कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद प्रशासनिक टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए घटनास्थल को सील कर दिया। कंपनी प्रतिनिधि और जीएम से संपर्क करने पर उन्होंने अवकाश का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया।
थाना प्रभारी के मुताबिक, कंपनी ने अब तक हादसे की अधिकृत जानकारी दर्ज नहीं कराई है और मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी नई बात नहीं है। करीब तीन महीने पहले भी दावत कंपनी के प्लॉट पर मिट्टी में दबने से मजदूर अतुल यादव की मौत हो चुकी है। अब भगवती राइस मिल में हुए इस भयावह हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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