पटना। बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, सभी प्रमुख दलों ने अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में राज्यसभा सांसद नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।

​बीजेपी का दांव: अभिषेक कुमार बंटी को मैदान में उतारा

​भारतीय जनता पार्टी ने इस महत्वपूर्ण सीट को बरकरार रखने के लिए युवा चेहरे पर भरोसा जताया है। भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक कुमार बंटी को पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया है। अभिषेक का कायस्थ समाज में अच्छा प्रभाव माना जाता है और वे नितिन नवीन के बेहद करीबी सहयोगियों में से एक हैं।
​अभिषेक कल गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस अवसर पर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी भी संभावित है क्योंकि नितिन नवीन कल से ही पटना के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। उनके नामांकन में शामिल होने की प्रबल संभावना है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।

​प्रशांत किशोर की सक्रियता और जन सुराज का जोर

​दूसरी ओर चुनावी राजनीति में कदम रख चुके प्रशांत किशोर ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) बांकीपुर में आक्रामक प्रचार कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने वार्ड संख्या 35 और 29 में सघन पदयात्रा की। चिरैयाटांड़ दुर्गा मंदिर से शुरू हुई उनकी यह जनसंपर्क यात्रा लोगों से जुड़ने की उनकी रणनीति को दर्शाती है। पीके के मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प होता दिख रहा है।

​विपक्षी खेमे में घमासान

​विपक्ष की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा कुमारी गुप्ता को टिकट दिया है। हालांकि पार्टी के इस फैसले ने अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया है। रेखा गुप्ता की उम्मीदवारी को लेकर राजद के भीतर असंतोष के स्वर उठ रहे हैं जिसका सीधा असर चुनावी प्रबंधन पर पड़ सकता है। इतना ही नहीं राजद के इस एकतरफा फैसले से महागठबंधन की सहयोगी कांग्रेस भी नाराज बताई जा रही है, जो सीट बंटवारे या दावेदारी को लेकर असहज स्थिति में है।

​चुनाव का महत्वपूर्ण कार्यक्रम

​बांकीपुर उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने जो समय-सारणी निर्धारित की है, उसके अनुसार नामांकन की प्रक्रिया 13 जुलाई तक जारी रहेगी। इसके बाद चुनावी शोर-शराबे के बीच 30 जुलाई को मतदान होगा। पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बीजेपी अपना दबदबा कायम रखेगी या प्रशांत किशोर का जन सुराज कोई बड़ा उलटफेर करेगा। चुनावी परिणामों की घोषणा 3 अगस्त को की जाएगी, जो इस सीट के भविष्य का फैसला करेगी।