प्रमोद कुमार/कैमूर। बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है लेकिन इसके बावजूद राज्य की सीमाओं पर शराब तस्करी का अवैध धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र से सामने आया है जहां उत्पाद पुलिस ने नेशनल हाईवे-19 (NH-19) पर स्थित समेकित जांच चौकी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब की एक बड़ी खेप बरामद की है।

​जांच चौकी पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

​मोहनिया स्थित समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग की टीम नियमित वाहन जांच कर रही थी। इसी दौरान यूपी की ओर से आ रही एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया। तलाशी लेने पर कार के भीतर शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। पुलिस ने कार से कुल 282 लीटर अवैध शराब बरामद की है। पुलिस की इस तत्परता ने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

​गिरफ्तार तस्कर की पहचान

​मौके से पुलिस ने एक शराब तस्कर को भी धर दबोचा है। पूछताछ में गिरफ्तार युवक की पहचान रोहतास जिले के न्यू डालमिया वार्ड संख्या 21 निवासी अमित कुमार (25 वर्ष) के रूप में हुई है जो प्रदीप विश्वकर्मा का पुत्र है। पुलिस ने न केवल तस्कर को गिरफ्तार किया है बल्कि शराब ले जा रही कार को भी जब्त कर लिया है। वर्तमान में आरोपी के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

​मुनाफे के लिए जान जोखिम में डालते तस्कर

​शराब तस्करों का यह गोरखधंधा बेहद संगठित तरीके से चल रहा है। इनका मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश का बॉर्डर इलाका है जहां से ये कम दाम में शराब खरीदकर बिहार लाते हैं। बिहार में शराब की उपलब्धता कम होने के कारण, तस्कर इसे दोगुनी और कभी-कभी तिगुनी कीमत पर बेचकर रातों-रात मालामाल होने का सपना देखते हैं।
​इस धंधे में पेशेवर तस्करों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ये लोग पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचकर निकलने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हैं। हालांकि, इनमें से कई तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं, लेकिन मोटी कमाई की लालच में नए चेहरे लगातार इस अवैध कारोबार में जुड़ते जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट का पता लगाने के लिए अब गहन जांच की जा रही है ताकि उन मास्टरमाइंड्स तक पहुंचा जासके जो सीमा पार से इस तस्करी को नियंत्रित कर रहे हैं। फिलहाल मोहनिया पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।