कुंदन कुमार/​पटना। बिहार की सियासत में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। राज्य में लगातार बड़े उलटफेर देखने को मिल रहे हैं, जहां एक तरफ जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी पार्टी को छोड़कर दिग्गजों का बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में समस्तीपुर से जनसुराज के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ जनसुराज का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने उन्हें और उनके समर्थकों को विधिवत रूप से पार्टी का झंडा थामकर बीजेपी परिवार में शामिल किया।

​प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरोप

​बीजेपी में शामिल होने के बाद डॉ. मनोज कुमार सिंह ने जनसुराज प्रमुख प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर नकारात्मक राजनीति करने में माहिर हैं और उनकी सोच हमेशा ऐसे लोगों को रास्ते से हटाने की होती है जो समाज में अच्छा काम कर रहे होते हैं। डॉ. सिंह ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी ने टिकट जरूर दिया था, लेकिन वह जीत हासिल करने के लिए नहीं बल्कि किसी अन्य उम्मीदवार को हराने और किसी तीसरे पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि इस बात का अहसास होने के बाद उन्हें लगातार मानसिक पीड़ा हो रही थी कि वे गलत जगह फंस गए हैं, जिसके बाद उन्होंने जनसुराज छोड़कर बीजेपी का दामन थामने का फैसला लिया।

​बीजेपी ने किया स्वागत, उठाए बड़े सियासी सवाल

​इस अवसर पर नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत करते हुए मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने इसे एक सुखद और महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि आखिर क्यों जनसुराज पार्टी के नेता लगातार भारी संख्या में बीजेपी का रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता राजनीतिक रूप से बेहद जागरूक है और अब समझ चुकी है कि जनसुराज के नेता कहीं न कहीं अरविंद केजरीवाल की राह पर तो नहीं चल रहे हैं। प्रदेश का हर वर्ग, युवा और नौजवान अब यह पूरी तरह ठान चुका है कि वे बिहार की धरती पर किसी भी कीमत पर नया केजरीवाल पैदा नहीं होने देंगे।

​लगातार झटकों से जनसुराज कमजोर

​गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में जनसुराज पार्टी को एक के बाद एक कई बड़े झटके लगे हैं। महज पांच दिन पहले ही पटना जिले के तीन और पूर्व विधानसभा प्रत्याशियों के.सी. सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। प्रसिद्ध गणितज्ञ के.सी. सिन्हा ने कुम्हरार विधानसभा, बिट्टू सिंह ने दीघा विधानसभा और गोपाल सिंह ने मनेर विधानसभा क्षेत्र से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा, दो दिन पहले जनसुराज की नेत्री चेतना झा ने भी बीजेपी की सदस्यता ले ली थी। एक के बाद एक बड़े नेताओं के इस तरह पार्टी छोड़ने से सियासी पारा हाई हो गया है, जिसका सीधा और बड़ा असर आगामी बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के समीकरणों पर पड़ना तय माना जा रहा है।