अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के विकास पुरुष और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के नाम पर बने भिवानी के चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल को लेकर नया विवाद सामने आया है। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर सिंह मान ने अस्पताल के मुख्य द्वारों पर चौधरी बंसीलाल की तस्वीर नहीं लगाए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस संबंध में समाधान शिविर के दौरान प्रशासन को मांग पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ईश्वर सिंह मान ने बताया कि रेलवे रोड स्थित चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल के दो मुख्य प्रवेश द्वार हैं। इन दोनों गेटों पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की तस्वीरें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें लगाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन जिस नेता के नाम पर अस्पताल का नाम रखा गया है, उनकी तस्वीर का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

पूर्व जिला पार्षद ने कहा कि यह केवल एक तस्वीर का मामला नहीं, बल्कि भिवानी के इतिहास और गौरव से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि राजनीति से ऊपर उठकर विकास पुरुष चौधरी बंसीलाल के योगदान का सम्मान किया जाए।
ईश्वर मान ने अपने मांग पत्र में उल्लेख किया कि करीब 50 वर्ष पहले चौधरी बंसीलाल ने भिवानी को विकास की नई पहचान दी थी। उनके प्रयासों से इस क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े बदलाव हुए। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में भिवानी में बड़े जिला स्तरीय अस्पताल की परिकल्पना को साकार किया था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चौधरी बंसीलाल के जन्मदिवस के अवसर पर इस अस्पताल का नाम बदलकर चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल रखा था। इसके बावजूद अस्पताल के मुख्य द्वारों पर उनकी तस्वीर का न होना लोगों की भावनाओं को आहत कर रहा है।
ईश्वर मान ने कहा कि वह करीब डेढ़ माह पहले भी समाधान शिविर में यह मांग उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल के दोनों मुख्य गेटों पर वर्तमान मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल की आदमकद तस्वीरें भी लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि यह कदम भिवानी के इतिहास, विकास और जनभावनाओं के सम्मान का प्रतीक होगा।

