बराड़ा डाकघर में नकद निकासी फॉर्म भरने वाले के न होने से सैकड़ों बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनधारकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद डाकघर में व्यवस्था सुधार कर पेंशन का वितरण शुरू कराया गया।
अनिल शर्मा, अंबाला। बराड़ा के महाराणा प्रताप चौक स्थित डाकघर में मंगलवार को पेंशन लेने पहुंचे सैकड़ों बुजुर्ग और दिव्यांग पेंशनधारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नकद निकासी (कैश विदड्रॉल) फार्म भरने के लिए कोई व्यक्ति उपलब्ध न होने के कारण कई बुजुर्ग सुबह से दोपहर तक भूखे-प्यासे डाकघर परिसर में बैठे रहे, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिल सकी। आखिरकार परेशान पेंशनधारकों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप से पेंशन वितरण की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
फार्म भरने में असमर्थ बुजुर्ग
महानगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों की तरह मिली जानकारी के अनुसार बराड़ा डाकघर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग एवं दिव्यांग अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने पहुंचते हैं। अधिकांश पेंशनधारक अशिक्षित होने के कारण नकद निकासी का फार्म स्वयं भरने में असमर्थ हैं। पहले डाकघर में एक युवक पेंशनधारकों के फार्म भरने में मदद करता था, लेकिन उसके हटने के बाद लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

चक्कर काटने को मजबूर
बराड़ा निवासी जसमेर सिंह, फकीर चंद, समसा सिंह तथा दिव्यांग जुल्फान अली, जगीरो सहित अन्य पेंशनधारकों ने बताया कि कई दिनों से उनकी पेंशन खातों में आ चुकी है, लेकिन फार्म भरने वाला कोई नहीं होने के कारण वे रोज डाकघर के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कर्मचारियों द्वारा उन्हें स्वयं फार्म भरने के लिए कहा जाता है, जबकि अधिकांश लोग पढ़ना-लिखना नहीं जानते। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में पेंशनधारक सुबह से डाकघर पहुंचे, लेकिन फार्म न भर पाने के कारण घंटों इंतजार करते रहे।
एसडीएम ने दिए निर्देश
जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी लोग एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी पीड़ा सुनाई। शिकायत के बाद एसडीएम कार्यालय ने डाकघर अधिकारियों से तत्काल बातचीत कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद डाकघर में एक व्यक्ति की व्यवस्था कर फार्म भरवाने का कार्य शुरू कराया गया, जिसके बाद पेंशन वितरण भी प्रारंभ हो गया।

भविष्य में बायोमेट्रिक व्यवस्था
बराड़ा डाकघर के पोस्टल असिस्टेंट विजित शर्मा ने बताया कि सभी पेंशनधारकों की बायोमेट्रिक केवाईसी करवाई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद नकद निकासी फार्म भरने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और लाभार्थी सीधे बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को अधिक भीड़ होने के कारण यह स्थिति बनी। फिलहाल फार्म भरने के लिए एक युवक की व्यवस्था कर दी गई है तथा भविष्य में भी पेंशनधारकों की सुविधा के लिए निजी स्तर पर एक व्यक्ति उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी बुजुर्ग या दिव्यांग को परेशानी का सामना न करना पड़े।

