पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 5 बजे मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में बिहार कैबिनेट की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई नीतिगत प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी और उन्हें मंजूरी मिलने की प्रबल संभावना है। बैठक में सभी विभागों के मंत्री एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत जानकारी शाम 6 बजे होने वाली ब्रीफिंग के माध्यम से साझा की जाएगी।

​रैपिड रेल से बदलेगी कनेक्टिविटी

​पिछली कैबिनेट की बैठकों में राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया है। इसी कड़ी में, पटना को गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और आरा जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए चार हाई-स्पीड रैपिड रेल कॉरिडोर को हरी झंडी दी गई थी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लक्ष्य शहरों के बीच की यात्रा अवधि को लगभग दो-तिहाई तक कम करना है, जिससे आम नागरिकों का समय बचेगा और परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

​ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का निर्माण

​शहरीकरण की चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में ‘ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को मंजूरी दी जा चुकी है। इन टाउनशिप में अत्याधुनिक सड़कों, निर्बाध पेयजल आपूर्ति और बिजली जैसी सभी आधुनिक बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे बड़े शहरों पर जनसंख्या का दबाव कम होगा।

कृषि और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े कदम

सरकार ने कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ के तहत 154 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है, जिसके माध्यम से किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और फसलों का सटीक डिजिटल सर्वे संभव हो सकेगा।
​ऊर्जा क्षेत्र में, राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक सभी सरकारी इमारतों की छतों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह पहल न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि सरकारी बिजली खर्च में भी भारी कटौती करेगी।

​इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती

​परिवहन एवं सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, भागलपुर के विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए 126.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से पुल पर बेली ब्रिज और नया सस्पेंडेड स्लैब का निर्माण किया जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।