वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के नगरनौसा थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरिया बीघा गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही एक हसते-खेलते परिवार के लिए वज्रपात बनकर टूटी है। मंगलवार देर रात हुए एक हादसे में 17 वर्षीय अजय कुमार की मौत करंट लगने से हो गई। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया बल्कि स्थानीय निवासियों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश भी पैदा कर दिया है।

​क्या है पूरा मामला?

​मृतक के चाचा बीरबल पासवान ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि अजय अपने काम से घर लौटा था। रात का समय था और बिजली नहीं होने के कारण चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था। गली से गुजरते वक्त उसे रास्ते में पड़ा 440 वोल्ट का टूटा हुआ जर्जर बिजली का तार दिखाई नहीं दिया। जैसे ही वह तार के संपर्क में आया उसे जोरदार बिजली का झटका लगा और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। परिजनों द्वारा उसे आनन-फानन में नगरनौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​विभाग पर उठे गंभीर सवाल

​परिजनों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से बिजली विभाग जिम्मेदार है। ग्रामीणों का कहना है कि खजुरिया बीघा गांव में बिजली के तार बेहद जर्जर स्थिति में हैं। इसकी शिकायत पिछले छह महीनों से लगातार विभागीय अधिकारियों से की जा रही थी लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों का दावा है कि यदि समय रहते इन तारों को बदल दिया जाता तो आज अजय जिंदा होता।
​वहीं दूसरी ओर एक चर्चा यह भी है कि हादसा घर की अर्थिंग में पानी देने के दौरान करंट फैलने से हुआ। हालांकि स्थानीय लोग इसे विभाग का बचाव करने वाली थ्योरी बताकर खारिज कर रहे हैं। फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

​पुलिस की कार्रवाई और ग्रामीणों का आक्रोश

​घटना की सूचना मिलते ही नगरनौसा थानाध्यक्ष शशि रंजन कुमार मिश्रा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है और परिजनों द्वारा लिखित शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे गांव में मातम का माहौल है और स्थानीय ग्रामीण बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी में हैं।