करनाल के बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर नए ऑटोमेटिक सिस्टम के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया, जहां से गुजर रहे केंद्रीय मंत्री ने समस्या समाधान का आश्वासन दिया।

सुमन चौहान, करनाल। हरियाणा के करनाल स्थित बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर आज उस समय भारी हलचल बढ़ गई, जब आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण टोल टैक्स में राहत की पुरानी मांग को लेकर अचानक प्रदर्शन करने पहुंचे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संयोग से देश के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का काफिला भी उसी मार्ग से गुजर रहा था। बस्ताड़ा टोल प्लाजा पर भारी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को देखकर केंद्रीय मंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अपना काफिला रुकवाया और गाड़ी से नीचे उतरकर नाराज लोगों की पूरी बात सुनी। इस दौरान प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और किसान नेताओं ने स्थानीय लोगों को टोल टैक्स में पहले की तरह राहत दिलाने की मुख्य मांग मनोहर लाल खट्टर के आगे प्रमुखता से रखी।

नए ऑटोमेटिक सिस्टम का विरोध

करनाल का घरौंडा टोल टैक्स का पुराना मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। दरअसल, बीते दिनों करनाल का यह घरौंडा टोल टैक्स पूरे हरियाणा का ऐसा पहला टोल प्लाजा बना है, जहां आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके नई सुविधा शुरू की गई है। इस नए सिस्टम के माध्यम से वहां से सभी बेरिकेड्स हटा दिए गए हैं और अब ऑटोमेटिक कैमरों की मदद से सीधे वाहनों का टोल टैक्स कट जाता है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद से घरौंडा के रहने वाले उन स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है, जिनका टोल टैक्स पहले नियम के मुताबिक बिल्कुल नहीं कटता था।

स्थानीय ग्रामीणों को भारी नुकसान

टोल प्लाजा के पुराने नियमों के अनुसार २० किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानीय गांवों के लोगों को टैक्स से पूरी छूट शामिल थी, लेकिन अब उन्हें भी यह टैक्स देना पड़ेगा। इसी बदलाव के कड़े विरोध में आज तमाम किसान नेता और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग टोल प्लाजा पर एकजुट हुए। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जो लोकल व्यक्ति है, जिसे पहले केवल लोकल आईडी कार्ड देखकर आसानी से जाने दिया जाता था, अब नए कंप्यूटरीकृत सिस्टम के माध्यम से उसका भी जबरन टैक्स कटा करेगा, जो पूरी तरह से गलत और अन्यायपूर्ण है।

बड़े आंदोलन की दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस नई तकनीक के माध्यम से सरकार ने टोल पर काम करने वाले आसपास के ग्रामीण युवाओं को भी पूरी तरह बेरोजगार कर दिया है। अब स्थानीय लोगों को पानीपत या करनाल किसी भी तरफ जाने पर भारी टैक्स चुकाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस नियम को तुरंत नहीं बदला गया, तो आने वाले दिनों में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। पूर्व में भी जनता की आवाज उठाने पर ही लोकल लोगों को टैक्स से राहत मिली थी, जिसे दोबारा बहाल कराने के लिए ग्रामीण फिर से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।