Bastar News Update : सुकमा. सुकमा में वन कर्मचारी संघ ने विभागीय बैठक से पहले अपनी प्रमुख मांगों को लेकर मोर्चा खोला है। संघ ने वन शहीद स्मारक के निर्माण को कर्मचारी सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। वनमंडलाधिकारी को सात सूत्रीय एजेंडा सौंपकर लंबित मामलों के समाधान की मांग की गई। समयमान वेतनमान और एरियर का शीघ्र भुगतान प्रमुख मांगों में शामिल है। कर्मचारियों को प्रतिवर्ष गोपनीय प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। वनरक्षक हिड़मा सोड़ी की तोंगपाल वन परिक्षेत्र में पदस्थापना का मुद्दा भी उठाया गया। संघ ने समयमान वेतनमान से जुड़े लाभार्थियों और लंबित मामलों की सूची मांगी। वसूली गई राशि संबंधित कर्मचारियों को लौटाने की स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग हुई। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह मंडावी ने कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द निराकरण की अपेक्षा जताई। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मुद्दों पर अब निर्णायक कार्रवाई होनी चाहिए। बैठक में कर्मचारी कल्याण और सेवा संबंधी सुधारों पर भी जोर दिया जाएगा। वन कर्मचारियों ने सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताते हुए प्रशासन से संवेदनशील पहल की मांग की।
शिक्षा सुधार की मांग को लेकर युवाओं की एकजुट आवाज
जगदलपुर. बस्तर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर युवाओं का आक्रोश अब संगठित आंदोलन का रूप लेने लगा है। मूल निवासी समाज, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि इससे लाखों छात्रों का भविष्य और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा प्रभावित हो रहा है। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों की कठिन मेहनत पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। प्रतिनिधियों ने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के शिक्षा सुधार संबंधी प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र-केंद्रित बनाने की मांग उठाई। सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर ने कहा कि युवाओं के सपनों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई। सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। युवाओं का कहना है कि समान अवसर की संवैधानिक भावना को बचाने के लिए अब ठोस सुधार जरूरी हैं।
पहली बारिश में पुल की गुणवत्ता की खुली पोल
कोंडागांव. करोड़ों रुपये की लागत से बने कुंदला नाला उच्चस्तरीय पुल की मजबूती पहली बारिश में ही सवालों के घेरे में आ गई। बारिश के बाद पुल के दोनों ओर बने एप्रोच मार्ग की मिट्टी कई जगह बैठ गई। मिट्टी धंसने से ऊपर बिछी डामर सड़क में चौड़ी और गहरी दरारें दिखाई देने लगीं। स्थिति बिगड़ते ही निर्माण एजेंसी ने क्षतिग्रस्त डामर हटाकर सुधार कार्य शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पुल और एप्रोच निर्माण पर करीब 11.66 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। अब दोबारा कम्पेक्शन कर नए सिरे से डामरीकरण की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में लोकार्पण कर दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार एप्रोच की मिट्टी का पर्याप्त कम्पेक्शन बेहद जरूरी होता है। घटना के बाद निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की नजर आगामी बारिश में होने वाली वास्तविक परीक्षा पर टिकी है। लोगों ने तकनीकी जांच और गुणवत्तापूर्ण स्थायी सुधार की मांग की है।
आदिवासी बेटियों ने NEET में रचा नया इतिहास
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा की बेटियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा 2026 में शानदार सफलता दर्ज की है। कारली स्थित छू लो आसमान कन्या आवासीय कोचिंग संस्था की छात्राओं ने जिले का गौरव बढ़ाया। दीपा मरकाम ने 412 अंक प्राप्त कर संस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। नेहा नायक, उर्वशी ठाकुर, तनिषा दास और अन्य छात्राओं ने भी उल्लेखनीय अंक हासिल किए। सफल छात्राएं अब मेडिकल, बीडीएस, आयुर्वेद और पशु चिकित्सा पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग के लिए पात्र होंगी। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इसे जिले की बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छात्राओं का सम्मान किया। छात्राओं ने सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित तैयारी को दिया। उन्होंने भविष्य में चिकित्सा सेवा के माध्यम से समाज की सेवा करने का संकल्प भी दोहराया। दंतेवाड़ा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करने की इच्छा भी व्यक्त की। संस्था प्रबंधन ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण को सफलता का आधार बताया। यह उपलब्धि आदिवासी अंचल की अन्य छात्राओं के लिए नई प्रेरणा बनकर उभरी।
मंदिर के पुजारी से मारपीट का आरोप
जगदलपुर. धरमपुरा मार्ग स्थित झाड़ेश्वर महादेव मंदिर में हुई घटना से श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई। कुछ असामाजिक तत्वों पर मंदिर में घुसकर हंगामा करने का आरोप लगा है। घटना में पुजारी से मारपीट और महिला सेवादारों के साथ धक्का-मुक्की की बात सामने आई। सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। संगठन के पदाधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। घटना के बाद श्रद्धालुओं में सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। संगठनों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर शीघ्र कार्रवाई की अपील की। साथ ही लोगों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की गई। अफवाहों से बचने और कानून व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया गया। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

पालक और शिक्षकों की साझेदारी से शिक्षा को नई दिशा
नारायणपुर. जवाहर नवोदय विद्यालय नारायणपुर में पालक-शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षा को लेकर व्यापक चर्चा हुई। जिले के चारों ब्लॉकों से पहुंचे अभिभावक एक मंच पर एकत्र हुए। बैठक में बच्चों के अनुशासन, शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर मंथन किया गया। नए शैक्षणिक सत्र के लिए पालक-शिक्षक संघ की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। चंद्रभान सहारे को अध्यक्ष और रजनीश मिश्रा को उपाध्यक्ष चुना गया। अन्य पदाधिकारियों का चयन भी सर्वसम्मति से किया गया। प्राचार्य के. कमला पादम ने विद्यालय और परिवार के बेहतर समन्वय पर जोर दिया। शिक्षकों ने कहा कि निरंतर संवाद से विद्यार्थियों का समग्र विकास संभव है। अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कई सुझाव भी दिए। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य पर विशेष चर्चा हुई। शिक्षक और अभिभावकों ने मिलकर बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाने का संकल्प लिया। बैठक ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच विश्वास एवं सहयोग को और मजबूत किया।
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