Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर में सदियों पुरानी गोंचा महापर्व की भव्यता एक बार फिर अपने चरम पर पहुंचने जा रही है. 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने रियासतकालीन परंपराओं के अनुरूप आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं. 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के 22 विग्रह तीन विशाल रथों पर नगर भ्रमण करेंगे. तुपकी की पारंपरिक सलामी और धार्मिक अनुष्ठान महापर्व की विशेष पहचान होंगे. 25 जुलाई तक चलने वाले इस आयोजन में प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी. 21 जुलाई को भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा. 17 से 23 जुलाई तक समाज की विभिन्न समितियां अमनिया अर्पित करेंगी. 20 जुलाई को तुपकी बनाने वाले ग्रामीण कारीगरों और समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान होगा. दस वर्षों बाद तेरह दिव्य वेश झांकियां नए स्वरूप में प्रस्तुत की जाएंगी. बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है. गोंचा महापर्व इस बार भी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में नई पहचान देगा.
बैलाडीला में लौह अयस्क चोरी का नया चेहरा, तस्करों से आगे अब नेटवर्क पर शिकंजा
दंतेवाड़ा. बैलाडीला में अवैध लौह अयस्क की चोरी अब केवल छिटपुट घटनाएं नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क की तस्वीर पेश कर रही है. वन विभाग ने रात्रि गश्त के दौरान 40 टन लौह अयस्क से भरे 16 चक्का ट्रक को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है. कार्रवाई के दौरान ट्रक के आगे-पीछे चल रही स्कॉर्पियो और स्कूटी मौके से फरार हो गई. जांच में सामने आया कि धुरली के जंगल में पहले लौह अयस्क जमा किया गया और देर रात जेसीबी से ट्रक में लोड किया गया. ट्रक चालक फरार है, जबकि वाहन मालिक और कथित स्थानीय दलाल की भूमिका जांच के घेरे में है. अधिकारियों को चालक के मोबाइल से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर लोकेशन खंगाली जा रही है. सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डाटा से पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं. इस वर्ष जिले में चोरी के लौह अयस्क से जुड़े चार बड़े मामले सामने आ चुके हैं. पहले भी दो ट्रक, एक जेसीबी और रेलवे वैगनों से चोरी के मामले उजागर हो चुके हैं. जांच में रायपुर तक फैले तस्करी नेटवर्क और कमीशन सिस्टम की भी जानकारी मिली है. वन विभाग और पुलिस अब पूरे गिरोह तक पहुंचने की तैयारी में हैं. लगातार हो रही घटनाओं ने बैलाडीला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गोंचा रथयात्रा पर पूरे जिले में अवकाश, त्योहार के सम्मान में प्रशासन का फैसला
जगदलपुर. गोंचा रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. 16 जुलाई को पूरे बस्तर जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है. कलेक्टर के आदेश के बाद सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहेगा. हालांकि कोषालय और उप-कोषालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे. हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक रथयात्रा में शामिल होते हैं. प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं. नगर में धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है. रथयात्रा मार्ग पर विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं. बाहरी जिलों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. स्थानीय कारोबारियों को भी पर्व से आर्थिक गतिविधियों की उम्मीद है. गोंचा महापर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण आयोजन माना जाता है. अवकाश की घोषणा से श्रद्धालुओं को पर्व में शामिल होने का अवसर मिलेगा.
पहली बारिश में बह गई 54 लाख की नहर
कोंडागांव. सरकारी निर्माण की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. बालूद गांव में 54 लाख रुपये से बनी नहर पहली बारिश भी नहीं झेल सकी. निर्माण के दो महीने के भीतर ही नहर कई जगह से टूट गई. ग्रामीणों ने निर्माण में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है. नहर क्षतिग्रस्त होने से 85 किसानों की सिंचाई प्रभावित हो गई है. खेती के मौसम में किसानों की चिंता बढ़ गई है. ग्रामीण दोषी अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है. जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य बाहरी ठेकेदार ने कराया था. जल संसाधन विभाग ने मौके पर जांच टीम भेजने की बात कही है. रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत और जिम्मेदारों पर कार्रवाई का दावा किया गया है. अब किसानों की नजर जांच और मरम्मत दोनों पर टिकी हुई है.
जंगल से मंदिर तक पहुंचा दुर्लभ मेहमान
नारायणपुर. नारायणपुर में दुर्लभ भारतीय पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू वन्यजीव संरक्षण की सकारात्मक तस्वीर लेकर आया है. भटककर मंदिर परिसर पहुंचे पैंगोलिन को श्रद्धालुओं ने नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना दी. वन अमले ने पूरे एहतियात के साथ उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया. स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे वापस प्राकृतिक जंगल में छोड़ दिया गया. भारतीय पैंगोलिन विश्व के सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले स्तनधारी जीवों में शामिल है. इसके शल्कों की अवैध मांग के कारण यह लगातार खतरे में बना हुआ है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की l अनुसूची-1 में इसे सर्वोच्च कानूनी सुरक्षा प्राप्त है. विशेषज्ञों के अनुसार यह चींटियों और दीमकों को खाकर जंगल का पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखता है. खतरा महसूस होने पर यह अपने शरीर को गोलाकार बना लेता है. नारायणपुर के घने जंगल इसकी सुरक्षित शरणस्थली माने जाते हैं. वन विभाग ने लोगों से वन्यजीव दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है. यह रेस्क्यू अभियान संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संकेत माना जा रहा है.
टॉपर विवाद से घिरा आत्मानंद स्कूल
जगदलपुर. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल का परीक्षा परिणाम अब विवादों के केंद्र में आ गया है. अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त अंक जोड़कर दूसरी छात्रा को टॉपर बनाया गया. पीड़ित पक्ष का दावा है कि वास्तविक अंकों में उनकी बेटी आगे थी. जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अतिरिक्त अंक देने का कोई प्रावधान नहीं है. इसके बावजूद संशोधित परिणाम अब तक जारी नहीं हुआ. विवाद बढ़ने पर अभिभावकों को स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया. इस कदम से स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि सम्मान समारोह में भी गलत छात्रा को पुरस्कृत किया गया. अभिभावकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है. मामले ने स्कूलों में मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है. शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है. अब सवाल केवल अंकों का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसे का भी है.
बिजली मरम्मत के दौरान बड़ा हादसा
कोंडागांव. बड़ेडोंगर में बिजली लाइन पर काम कर रहे ठेका कर्मचारी के साथ बड़ा हादसा हो गया. मरम्मत के दौरान अचानक लाइन में करंट आने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया. घायल कर्मचारी को प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया. लेकिन 108 एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची. करीब दो घंटे तक अस्पताल में इंतजार करना पड़ा. आखिरकार छोटी एंबुलेंस से घायल को रवाना किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि काम शुरू होने के समय लाइन बंद थी. अचानक बिजली प्रवाहित होने से हादसा हुआ. घटना ने कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुस्ती भी सामने आई है. प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है. अब जिम्मेदारी तय होने का इंतजार किया जा रहा है.
म्यूल अकाउंट चलाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है. आरोपी अपने बैंक खाते साइबर ठगों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराते थे. इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेन-देन किया जाता था. तकनीकी जांच और बैंक रिकॉर्ड से पूरा मामला सामने आया. जांच में 5.29 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन मिला. डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया. उन्हें न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. पुलिस ने लोगों से बैंक खाते किसी को भी उपयोग के लिए न देने की अपील की है. पासबुक, चेकबुक और एटीएम साझा करना अपराधियों की मदद बन सकता है. संदिग्ध गतिविधि मिलने पर 1930 हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है. पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. साइबर अपराध रोकने में आम नागरिकों की सतर्कता भी सबसे बड़ी सुरक्षा है.

मलेरिया के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
जगदलपुर. बस्तर में मलेरिया उन्मूलन अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच चुका है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें 228 गांवों में घर-घर पहुंचकर जांच कर रही हैं. अब तक 53 हजार से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है. सिर्फ 220 संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है. संक्रमितों का मौके पर ही उपचार शुरू कर संक्रमण की श्रृंखला तोड़ी जा रही है. बस्तर और बकावंड विकासखंड में अब तक एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला. हाई-टेक निगरानी के साथ बैगा-गुनिया सम्मेलन की परंपरा का भी उपयोग किया जा रहा है. 2019 में जहां एपीआई 27.83 था, वह अब घटकर 3.03 पर पहुंच गया है. प्रशासन का लक्ष्य 2027 तक एपीआई शून्य करना है. 2030 तक पूरे बस्तर को मलेरिया मुक्त बनाने की तैयारी चल रही है. स्वास्थ्य विभाग इसे जनभागीदारी का अभियान भी मान रहा है. लगातार प्रयासों से जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.
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