Bastar News Update : नारायणपुर. झारावाही गांव में ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार छोड़ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है. बरसात में संपर्क टूटने की समस्या से परेशान लोगों ने श्रमदान से पुल निर्माण शुरू किया. महिला, पुरुष और युवा सभी मिलकर निर्माण कार्य में जुट गए. किसी ने बांस दिया तो किसी ने लकड़ी और किसी ने अपना श्रम. हर वर्ष बारिश में गांव का संपर्क मुख्यालय से कट जाता है. मरीजों, विद्यार्थियों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को आवेदन दिए गए, लेकिन समाधान नहीं मिला. इसी के बाद गांव की बैठक में स्वयं पुल बनाने का निर्णय लिया गया. अस्थायी पुल बनने से 250 से अधिक परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है. यह पहल सामुदायिक एकजुटता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण बनकर सामने आई है. ग्रामीण अब स्थायी पुल निर्माण की मांग भी दोहरा रहे हैं. लोगों का कहना है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं होना चाहिए.
श्रीगोंचा महापर्व आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम
जगदलपुर. श्रीगोंचा महापर्व में जनकपुर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर भक्तिभाव से सराबोर नजर आया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को पारंपरिक छप्पन भोग अर्पित किया गया. 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज ने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और महाआरती संपन्न कराई. फल, मिष्ठान और विभिन्न व्यंजनों सहित 56 प्रकार के भोग भगवान को समर्पित किए गए. पूजा के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धार्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई. छप्पन भोग की परंपरा को भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला और सात दिनों के उपवास से जोड़ा जाता है. महापर्व के अमनिया कार्यक्रम में प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों के श्रद्धालु भोग अर्पित कर रहे हैं. बनियागांव और जैबेल क्षेत्र के 10 गांवों के ग्रामीणों ने भी सामूहिक रूप से भगवान को भोग लगाया. दोपहर से शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं. यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का भी प्रतीक बन गया. श्रीगोंचा महापर्व में हर दिन अलग-अलग समाज और गांवों की भागीदारी उत्सव को नई पहचान दे रही है. भक्ति, परंपरा और जनसहभागिता का यह संगम पूरे बस्तर में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
गलियां सिमटीं तो बढ़ा शहर का ट्रैफिक संकट
जगदलपुर. कभी वैकल्पिक रास्तों और चौक-चौराहों के लिए पहचान रखने वाला जगदलपुर अब अतिक्रमण की चुनौती से जूझ रहा है. पुराने शहर की एक दर्जन से अधिक सार्वजनिक गलियां पूरी तरह बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं. गोलबाजार और मेन रोड सहित कई इलाकों में स्थायी निर्माण ने रास्तों को संकरा बना दिया है. नतीजा यह है कि पूरा यातायात मुख्य सड़कों पर केंद्रित हो गया है. सुबह और शाम जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. पहले जिन रास्तों से पैदल और दोपहिया वाहन आसानी से निकल जाते थे, अब लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल ट्रैफिक नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बड़ा खतरा है. एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड को वैकल्पिक मार्ग नहीं मिलने से राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं. वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि शहर की मूल टाउन प्लानिंग बेहद सुव्यवस्थित थी. समय के साथ सार्वजनिक रास्तों पर कब्जे बढ़े, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी. यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो “चौराहों का शहर” अपनी पहचान खो सकता है. अब प्रशासन और नागरिकों की संयुक्त पहल ही शहर की मूल संरचना बचा सकती है.
बारिश की आस में परंपरा का सहारा, मां दंतेश्वरी दरबार में विशेष यज्ञ
दंतेवाड़ा. कमजोर मानसून के बीच किसानों की उम्मीदें अब आस्था से भी जुड़ गई हैं. मां दंतेश्वरी मंदिर में अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की कामना को लेकर पारंपरिक यज्ञ-अनुष्ठान संपन्न हुआ. 40 से अधिक गांवों के ग्रामीण, पुजारी और मंदिर समिति इस आयोजन में शामिल हुए. वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई. मान्यता है कि यह परंपरा अच्छी बारिश और समृद्ध कृषि का संदेश देती है. इस वर्ष अब तक जिले में सामान्य से करीब एक हजार मिमी कम वर्षा दर्ज हुई है. खेतों में बोई गई फसलें पर्याप्त पानी के अभाव में प्रभावित होने लगी हैं. सिंचाई परियोजनाएं और कई सोलर पंप भी किसानों को अपेक्षित राहत नहीं दे पा रहे हैं. ऐसे में खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर दिखाई दे रही है. धार्मिक परंपरा और कृषि जीवन का यह संबंध आज भी ग्रामीण संस्कृति की पहचान बना हुआ है. किसान अब मौसम के साथ-साथ देवी की कृपा की भी प्रतीक्षा कर रहे हैं. सभी की निगाहें आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हुई हैं.
मलकानगिरी एयरपोर्ट से खुल सकती है विकास की नई उड़ान
सुकमा. सुकमा के लोगों के लिए हवाई संपर्क की उम्मीद अब वास्तविकता के करीब पहुंचती दिख रही है. ओडिशा के मलकानगिरी एयरपोर्ट पर ट्रायल फ्लाइट प्रस्तावित है. परीक्षण सफल होने पर सीमावर्ती सुकमा जिले को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है. वर्तमान में जिले के लोग पूरी तरह सड़क मार्ग पर निर्भर हैं. गंभीर मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. विशाखापट्टनम के लिए सीधी उड़ान शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है. व्यापार, शिक्षा और प्रशासनिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को भी इससे मजबूती मिलेगी. तकनीकी टीम एयरपोर्ट की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण कर रही है. सफल ट्रायल के बाद नियमित उड़ान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. सुकमा के लिए यह विकास की नई उड़ान साबित हो सकती है.
छोटेडोंगर अस्पताल में संसाधनों की कमी से बढ़ी मरीजों की परेशानी
नारायणपुर. दूरस्थ आदिवासी अंचल का प्रमुख अस्पताल इन दिनों क्षमता से अधिक दबाव झेल रहा है. मरीजों की संख्या बढ़ने से कई लोगों का इलाज फर्श पर करना पड़ रहा है. अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों ने स्थिति और चुनौतीपूर्ण बना दी है. परिजनों को भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है. करीब दो वर्षों से अस्पताल परिसर का शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है. महिला कर्मचारियों और मरीजों को इससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है. अस्पताल कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास भी उपलब्ध नहीं हैं. आपातकालीन स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना कर्मचारियों के लिए कठिन हो जाता है. ग्रामीण और जनप्रतिनिधि लगातार अतिरिक्त बेड और संसाधनों की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि वर्षों से मांग के बावजूद हालात नहीं बदले हैं. अब स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस पहल की जरूरत महसूस की जा रही है.

शराब और गांजा तस्करी पर पुलिस की दोहरी कार्रवाई
सुकमा. सुकमा पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई की है. अलग-अलग मामलों में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पहली कार्रवाई में 20.250 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ एक आरोपी पकड़ा गया. शराब परिवहन में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई. दूसरी कार्रवाई में ओडिशा सीमा से आ रही बाइक को रोककर दो युवकों को गिरफ्तार किया गया. तलाशी में 2.030 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ. दो मोबाइल फोन और बाइक सहित करीब 1.85 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया. सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया. न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया. सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. सीमा पार अवैध तस्करी पर सख्ती से निगरानी रखी जा रही है.
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