बेगूसराय। जिले से एक विचलित करने वाला मामला सामने आया है, जहां मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना में पुलिस पर शव के अपमान का आरोप लगा है। रतनपुर थाना क्षेत्र में मिले एक युवक के शव को अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस ने किसी सम्मानजनक वाहन या एम्बुलेंस का प्रबंध करने के बजाय कचरा ढोने वाले ठेले का सहारा लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

​क्या है पूरा मामला?

​रविवार को चट्टी रोड स्थित एक बंद घर से रवि रोशन कुमार नामक युवक का शव बरामद हुआ था। बताया जा रहा है कि रवि का घर पिछले तीन-चार दिनों से बंद था और भीतर से दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया, जहां रवि रोशन का शव फंदे से लटका मिला। पत्नी के मायके चले जाने के बाद से युवक घर में अकेला था।

​वीडियो में क्या दिख रहा है?

​सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पुलिस की मौजूदगी में चार से पांच सफाई कर्मियों की मदद से शव को सीढ़ियों से नीचे उतारा गया। इसके बाद, अत्यंत असंवेदनशील तरीके से शव को कचरा ढोने वाले ठेले पर लादा गया। इस दौरान पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और अंततः शव को उसी ठेले के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया।

​नियमों की अनदेखी और उठते सवाल

​पोस्टमार्टम के लिए शव को ले जाने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि पुलिस प्रशासन ने शव को कचरा ढोने वाले ठेले पर क्यों ले जाया? यह कृत्य न केवल अमानवीय है, बल्कि पुलिस विभाग की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर भी एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।

डीएसपी ने दिए जांच के आदेश

​घटना का वीडियो संज्ञान में आते ही प्रशासन हरकत में आया है। सदर-वन डीएसपी आनंद कुमार पांडेय ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि, “वायरल वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है। यह मामला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
​फिलहाल, पुलिस की इस लापरवाही ने पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।