अजय कुमार शास्त्री, बेगूसराय। जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मटिहानी-2 पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान बेगूसराय एसडीओ अश्विनी कुमार और भाजपा नेता ललन सिंह के बीच तीखी नोकझोंक का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

एसडीओ और भाजपा नेता के बीच नोकझोंक

वायरल वीडियो में एसडीओ अश्विनी कुमार और भाजपा नेता के बीच किसी मुद्दे को लेकर तू-तू, मैं-मैं होती दिखाई दे रही है। दोनों पक्षों के बीच बातचीत देखते ही देखते बहस में बदलती नजर आती है। हालांकि, वायरल वीडियो में हुई बहस के पीछे की पूरी वजह क्या थी, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं की गई है।

प्रशासन की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवाल

ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जिस सहयोग शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना था, वहां अगर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ता के बीच ही विवाद की स्थिति पैदा हो जाए तो आम लोगों को क्या संदेश जाएगा? ग्रामीण इलाकों में आयोजित ऐसे शिविरों में जनता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती है और अधिकारियों से समाधान की उम्मीद करती है। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के बीच होने वाली तीखी बहस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

विवाद का मंच बना शिविर

स्थानीय लोगों के बीच अब इस बात की चर्चा है कि आखिर शिविर में ऐसा क्या हुआ कि मामला बहस और कहासुनी तक पहुंच गया। क्या किसी फरियादी की समस्या को लेकर विवाद हुआ, या फिर किसी प्रशासनिक निर्णय को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए? इन सवालों का जवाब जिला प्रशासन की ओर से सामने आना बाकी है।

वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद लोग प्रशासन से पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी देने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी शिविर जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए जाते हैं, न कि अधिकारियों और राजनीतिक लोगों के बीच विवाद का मंच बनने के लिए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

फिलहाल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पूरे घटनाक्रम ने बेगूसराय के प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है। इस संबंध में सदर एसडीओ अश्विनी कुमार से दूरभाष पर पूछे जाने पर कोई भी जवाब देने से मना कर दिया।

ऐसे में अब बड़ा सवाल जिला प्रशासन से है कि मटिहानी-2 के सहयोग शिविर में आखिर विवाद की नौबत क्यों आई? एसडीओ और भाजपा नेता के बीच किस मुद्दे पर बहस हुई? क्या प्रशासन इस वायरल वीडियो की जांच कराएगा?

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