प्रमोद कुमार/ कैमूर। बिहार के भभुआ नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासन और दुकानदारों के बीच विवाद गहरा गया है। आज एकता चौक पर नगर परिषद की टीम द्वारा एक मैंगो जूस के ठेले को पलटने से हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद आक्रोशित दुकानदारों ने करीब एक घंटे तक एकता चौक को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​क्या है पूरा मामला?

​बिहार सरकार के निर्देशानुसार भभुआ नगर परिषद शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में आज जब टीम एकता चौक पहुंची, तो वहां सड़क किनारे लगे मैंगो जूस के ठेले को देखकर कर्मी भड़क गए। बिना कोई चेतावनी दिए या जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया अपनाए, कर्मियों ने ठेला पलट दिया, जिससे सारा सामान सड़क पर बिखर गया। पीड़ित दुकानदार सुनील कुमार के अनुसार, इस घटना में उन्हें 15 से 20 हजार रुपये का भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा यदि हम गलत थे, तो हमसे जुर्माना वसूला जा सकता था, लेकिन जीविका के साधन को नष्ट करना सरासर गलत है।

​नगर परिषद कार्यालय में भिड़े पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधि

​सड़क जाम की सूचना मिलते ही भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और कार्यपालक पदाधिकारी (EO) संजय उपाध्याय मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया। हालांकि, यह विवाद यही नहीं थमा। बाद में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे पूर्व सभापति जैनेंद्र कुमार आर्य और उपसभापति अमजद खान के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों ने एक-दूसरे के कार्यकाल की खामियां गिनानी शुरू कर दीं। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि हाथापाई की नौबत आ गई थी लेकिन समय रहते मामले को नियंत्रित कर लिया गया।

​आम जनता का आरोप और प्रशासन का पक्ष

​स्थानीय निवासी रौशन गुप्ता ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे मनमाना करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियान में भेदभाव किया जाता है और जो दुकानदार सुविधा शुल्क देते हैं उन्हें बख्श दिया जाता है। वहीं कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि ठेला पलटने की घटना की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे सरकारी नियमों का पालन करें और निर्धारित वेंडर जोन में ही अपनी दुकानें लगाएं ताकि शहर का आवागमन बाधित न हो।